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दुनिया

मध्यपूर्व में शांति संभव

तीन बरस बाद बातचीत शुरू होने पर अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि मध्यपूर्व में शांति बहाल हो सकती है. इस्राएल और फलीस्तीन के नेता लगातार दूसरे दिन बातचीत बढ़ा रहे हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने सोमवार को रात के खाने की दावत दी जिस पर बातचीत का रुका हुआ सिलसिला आगे बढ़ निकला. अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी का कहना है, "यह दोनों पक्षों के बीच एक बेहद सकारात्मक बैठक रही. उन्होंने एक दूसरे पर भरोसा किया और मामले को गंभीरता से लिया."

बातचीत से पहले केरी का कहना था, "मैं जानता हूं कि बातचीत मुश्किल होगी लेकिन इसकी कोशिश न करना सबसे खराब होगा. अगर दोनों पक्षों के नेता मजबूत नेतृत्व दिखाएंगे और थोड़े मुश्किल फैसले लेने को तैयार रहेंगे, तो हल निकल सकता है."

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इस आंशिक कामयाबी पर बेहद खुश दिखे और उन्होंने इसे "आगे के लिए बड़ा कदम" बताया, "लेकिन बातचीत की असल मुश्किल अभी आगे आने वाली है. मुझे उम्मीद है कि इस्राएल और फलिस्तीन दोनों इसे भरोसे के साथ आगे बढ़ाएंगे." उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों पक्षों का पूरा साथ देगा ताकि वे "दो राष्ट्रों की तरह अगल बगल में शांति के साथ" रह पाएं.

Nahost-Friedensgespräche, Netanjahu, Kerry, Livni

बरसों बाद बढ़ी बातचीत

इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू और फलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अमेरिकी दावत पर अपने दूत भेजे हैं ताकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू की जा सके. इस्राएल की न्याय मंत्री सिपी लिवनी और मध्यस्थ इत्शाक मोल्चो अमेरिका में हैं, जबकि फलिस्तीन की तरफ से मुख्य वार्ताकार सईब एरेकात और मुहम्मद शत्तायह मौजूद हैं. रमजान को देखते हुए वॉशिंगटन में फलिस्तीनी प्रतिनिधियों के लिए इफ्तार का भी इंतजाम किया गया.

इससे पहले की बातचीत 2010 में तब टूट गई, जब इस्राएल ने पश्चिमी तट और पूर्वी यरुशलम में नई बस्तियों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. फलीस्तीन की मुख्य मांग है कि उनके नए राष्ट्र की सीमा 1967 की चौहद्दी के मुताबिक तय की जानी चाहिए. उसके मुताबिक इस्राएल की हद पश्चिमी तट पर खत्म होती है. उस साल हुए युद्ध में इस्राएल ने पश्चिमी तट और यरुशलम पर कब्जा कर लिया था.

इस्राएल पूरे यरुशलम को अपने राष्ट्र का अभिन्न अंग मानता है, जबकि अब्बास का कहना है कि पूर्वी यरुशलम उनका हिस्सा है, जो आने वाले दिनों में उनकी राजधानी बनेगी. इस बीच इस्राएल ने बातचीत के लिए माहौल बनाते हुए फलिस्तीन के 104 कैदियों की रिहाई की मंजूरी दे दी है. इनमें से कुछ पर इस्राएली सीमा में बड़े हमले के आरोप हैं.

एजेए/एमजी (डीपीए)

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