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दुनिया

मतदाताओं से ट्रंप ने किया सुरक्षा का वादा

डॉनल्ड ट्रंप ने विजयी मुद्रा में चार दिन की पार्टी कांग्रेस के अंतिम दिन रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी स्वीकार की. आतंकी हमलों और अक्सर होने वाले हत्याकांडों से डरे अमेरिकियों को उन्होंने सुरक्षा का भरोसा दिलाया.

क्लीवलैंड में 2000 पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने ट्रंप ने आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी स्वीकार की. यू एस ए और ट्रंप ट्रंप ट्रंप के नारों के बीच बिजनेसमैन से टीवी स्टार और राजनीतिज्ञ बने ट्रंप ने खुद को कानून और व्यवस्था लाने वाले उम्मीदवार के तौर पर पेश किया और उन लोगों का समर्थन करने का वादा किया जो कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन जिनकी कोई आवाज नहीं है. कैमरों की ओर देखाते हुए उन्होंने कहा, "मैं आपकी आवाज हूं." साथ ही ट्रंप ने लाखों नए रोजगार और अरबों की नई संपत्ति पैदा कर सुरक्षित समय वापस लाने का वादा किया. नस्लवाद से जुड़े हाल के हमलों पर लोगों की चिंता को भांपते हुए ट्रंप ने 1968 में रिचर्ड निक्सन की सफल उम्मीदवारी की ओर ध्यान दिलाते हुए अपराध पर सख्ती बरतने का संदेश दिया. उन्होंने कहा, "हमारे राष्ट्र को पीड़ित कर रहे अपराध और हिंसा का शीघ्र और मैं कह रहा हूं बहुत जल्द अंत होगा."

डॉनल्ड ट्रंप ने पार्टी कांग्रेस में यह भी दिखाया कि वे हाल के अमेरिकी इतिहास के सबसे विवादास्पद नेता क्यों हैं. एक घंटे के भाषण में उन्होंने प्राइमरी के दौरान उठाए गए कई अति दक्षिणपंथी मुद्दों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से जुड़े देशों से विदेशियों के आने पर प्रतिबंध लगेगा, मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनेगी और व्यापारिक समझौतों पर फिर से बातचीत की जाएगी. उन्होंने कहा, "मुझसे बेहतर इस सिस्टम को और कोई नहीं जानता. इसलिए मैं ही उसे सुलझा सकता हूं." डेमोक्रैटिक पार्टी की उम्मीदवारी का प्रयास करने वाले बर्नी सैंडर्स ने ट्वीट कर पूछा, ये इंसान राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहा है या तानाशाह का? लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इसे खुले हाथ लिया और सारे मतभेद भुलाकर पार्टी कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने खड़े होकर और तालियां बजाकर ट्रंप का समर्थन किया. हालांकि रिपब्लिकन पार्टी के बहुत से पुराने नेता कांग्रेस से बाहर रहे लेकिन ट्रंप के एक सहायक ने कहा, "ये अब ट्रंप की पार्टी है."

बेटी की मदद

डॉनल्ड ट्रंप की बेटी ने रिपब्लिकन पार्टी के कंवेन्शन में वे मुद्दे उठाए जो पिता ट्रंप नहीं उठाते रहे हैं. पिता की छवि में नर्मी लाने का प्रयास करते हुए बेटी इवांका ट्रंप ने कहा कि उनके पिता महिलाओं को बराबर काम के लिए समान वेतन और माता पिता के किफायती चाइल्डकेयर के लिए संघर्ष करेंगे. इन मुद्दों को डॉनल्ड ट्रंप ने अपने अभियान के दौरान शायद ही उठाया है. पिता का वह पहलू दिखाते हुए जो अभियान के दौरान नहीं दिखा है, इवांका ने अपने पिता को ऐसा नेता बताया जो छात्रों के कर्ज की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देगा और महिलाओं और सिंगल मांओं के लिए समाजिक बदलाव का चैंपयन होगा. इवांका ने कहा, "राष्ट्रपति के रूप में मेरे पिता श्रम कानून में बदलाव लाएंगे जो तब बने थे जब महिलाएं कामकाजी लोगों का महत्वपूर्ण हिस्सा नहीं हुआ करती थीं."

डॉनल्ड ट्रंप ने अब तक अपने भाषणों में समान काम के लिए समान वेतन और बच्चों की देखभाल और उस पर होने वाले खर्च का मुद्दा नहीं उठाया है. आम तौर पर ये मुद्दे डोमोक्रैटिक उम्मीदवारों द्वारा उठाए जाते हैं. इन मुद्दों को उठाकर ट्रंप की बेटी ने डेमोक्रैटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के महिला वौट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है. महिलाओं को लेकर खुद ट्रंप के अब तक के बयान महिलाओं को नाराज करने वाले रहे हैं. उन्होंने प्रेगनेंसी को असुविधा बताया था और समान वेतन के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि महिलाओं को पुरुषों के समान वेतन मिलेगा यदि "वे उतना ही अच्छा काम करें."

ट्रंप के चुनाव अभियान ने राजनीतिक परंपराओं को तोड़ा है और नस्लवादी तनाव बढ़ाने के अलावा वोट बैंकों को नाराज भी किया है. इसके अलावा मीडिया के व्यापक कवरेज पर उसकी निर्भरता रही है. लेकिन इस अभियान के चलते वे प्राइमरी के दौरान अपने 16 प्रतिद्वंद्वियों का धाराशायी करने में कामयाब रहे हैं और शुरुआत में मजाक करार दिये जाने के बावजूद पार्टी के विरोध को दरकिनार कर पाए. अमेरिकी विदेशनीति के स्थापित मानकों पर सवाल उठाकर उन्होंने विदेशी राजनेताओं को अचंभे में डाला है. वह पश्चिमी सहबंध नाटो पर टिप्पणी करने से भी नहीं चूके हैं. हाल ही में उन्होंने नाटो साथियों के समर्थन के सवाल पर कहा कि "यदि वे भी हमारे लिए अपनी प्रतिबद्धता पूरी करें तो." उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुने पर वे अमेरिका को पहले स्थान पर रखेंगे. "अमेरिकावाद, न कि विश्ववाद हमारा मकसद होगा."

एमजे/ओएसजे (एपी, एएफपी)

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