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मंथन

मजा लीजिए फ्राइंग पैन में भुने गर्मागर्म कीड़ों का

इंसानों की आबादी 8 अरब होने जा रही है. जलवायु परिवर्तन के खतरे के जूझते हुए इतने लोगों के लिए हर दिन पौष्टिक भोजन जुटाना मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे में अब कीड़ों को आहार का हिस्सा बनाया जा रहा है.

जर्मन शेफ काया बारिस ने दक्षिण अमेरिका की पारंपरिक पाक कला सीखी है. पिछले पांच सालों से वह जर्मनी की वित्तीय राजधानी फ्रैंकफर्ट में ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. ध्यान खींचने वाली बात यह है कि वो कीड़ों से बने व्यंजन परोस रहे हैं. बारिस बताते हैं, "हमने अपने मेनू में कीड़े ऑफर किए हैं. पहले हमें लगा कि जर्मन यह कभी नहीं खाएंगे क्योंकि वे कीड़ों से इतने वाकिफ नहीं हैं. लेकिन हमें बड़ी अच्छी प्रतिक्रिया मिली. यह बहुत अच्छा चला और हमने इसे अपना मुख्य कारोबार बना लिया."

बारिस के रेस्तरां में दो मेनू कार्ड है, एक पारंपरिक खाना और दूसरा है 'एक्जॉटिक फूड' जिसमें कीड़ों से बने व्यंजन शामिल हैं. रेस्त्रां में आज ऐसे शौकीन पहुंचे हैं जो कुछ नया करने की ख्वाहिश रखते हैं. लेकिन इसे चखना करना इतना भी आसान नहीं. कीड़ों को अक्सर हिकारत भरी नजरों से देखा जाता रहा है. खाने के मामले में भी इस पूर्वाग्रह से निकलना आसान नहीं है.

Frankfurt - Manitou Restaurant

फ्रैंकफर्ट स्थित रेस्तरां की तस्वीर

कीट आहार पर शोध

एक तरफ खाना तो दूसरी तरफ कीटों पर रिसर्च. नीदरलैंड्स के वैज्ञानिक प्रोफेसर फैन हाइस मानते हैं कि अगले दो दशक में इंसानी आबादी को पोषक खाना उपलब्ध कराने में कीड़े बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. इनमें बहुत ज्यादा प्रोटीन होता है. प्रोफेसर हाइस इसके कई और फायदे भी देखते हैं, "फायदा खास तौर पर चारे की किफायत के लिहाज से है. टिड्डों को दो किलो चारा दीजिए, आपको एक किलो खाना मिलेगा. आप अगर भैंसे को देखें तो 25 किलो चारे से एक किलो खाना मिलता है. जाहिर है कीटों से बड़ा फायदा है."

इस केंचुए को पूरा खाया जा सकता है जबकि मुर्गी या दूसरे जानवरों का करीब 55 फीसदी भाग ही खाने लायक होता है. शोध बता रहे हैं खाने की प्लेट में कीड़ें ज्यादा फायदेमंद और पौष्टिक हैं, लेकिन परंपरागत आहार की आदत बदलने में लंबा वक्त लगेगा. प्रोफेसर हाइस तो कीड़ों से तैयार व्यंजनों पर किताब भी लिख चुके हैं, "निश्चित रूप से यूरोपीय ग्राहकों को आप यह कहकर रजामंद कर सकते हैं कि ये टिकाऊ है और पर्यावरण के लिए बेहतर है. ये ग्रीन हाउस गैसों को कम करते हैं. लेकिन मुझे सबसे जरूरी लगता है कि लोगों के लिए इसे अच्छी तरह बनाना होगा और यह दिखने में भी अच्छा होना चाहिए."

कीट पालन का पेशा

अगर कीड़े आहार का हिस्सा बन जाएं तो नीदरलैंड्स में कीड़ों की खेती करने वाली मारिके कालिस के लिए भी यह आदर्श माहौल होगा. मारिके कहती हैं, "हमारे पास 40 साल से कीड़ों का फार्म है. मेरे माता पिता ने यह शौकिया तौर पर शुरू किया था. मेरी मां के पास एक एक्वेरियम था और उसके लिए कीड़ों की जरूरत थी."

Frankfurt - Manitou Restaurant

रेस्तरां में मिलते हैं कीड़ों से बने व्यंजन

आज इस परिवार के पास नीदरलैंड्स का सबसे बड़ा कीट फार्म है. यहां अलग अलग बक्सों में कीड़ों की 70 प्रजातियां हैं. फार्म मुख्य रूप से खाने लायक कीड़ों को पालता है. अब तक ऐसे कीड़े मछली या पोल्ट्री उद्योग को चारे की तरह बेचे जाते रहे हैं. लेकिन परिवार को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उनके कीड़े इंसानी आहार के तौर पर शायद सुपरमार्केट में भी मिलने लगेंगे. मारिके मानती हैं कि यह संभव तो है पर सरल नहीं, "मौजूदा कानून की वजह से यह मुमकिन नहीं कि कीड़ों को बर्गर में डाला जाए, कानून में कीड़े एक नए तरह का खाना हैं."

कीड़ों वाले बर्गर और कटलेट

फिलहाल मारिके रेस्तराओं को जो कीड़े बेच रही हैं वे बिना प्रोसेस किए और फ्रीज किए होते हैं. वे बीते 10 साल से दूसरे कीट उत्पादकों के संपर्क में भी हैं ताकि कीट आहार को लेकर यूरोपीय संघ के कानूनों में ढील लाई जाए. उनका सपना है कि इन कीड़ों से बर्गर और कटलेट जैसा खाना बनाया जाए. ऐसा हुआ तो कीड़ों बना रेडीमेड फूड भी सुपरमार्केटों में बिकने लगेगा.

यूरोप में अगर कीड़े रोजमर्रा के आहार में शामिल हो जाएं तो ये एक बडा कदम होगा, क्योंकि अभी इक्का दुक्का जगहों पर ही ऐसा खाना एक्जोटिक फूड के नाम से बिकता है. इस बीच फ्रैंकफर्ट में बारिस के रेस्तरां में बैठे मेहमान आखिर कीड़ों से तैयार सलाद को चख ही लेते हैं. कुछ नाक मुंह सिकोड़ रहे हैं तो एक का कहना है, "आप इसे खा सकते हैं, यह मजेदार है, एक नया स्वाद."

जरूरतें इंसान को बदल देती है. हो सकता भविष्य में प्रोटीन से भरपूर कीड़े मांस और दूध का विकल्प बन जाएं.

रिपोर्ट: राल्फ स्ट्रीबिंगर/ओ सिंह

संपादन: ईशा भाटिया

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