1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

मछलियों को लेकर लड़ते भिड़ते देश

समुद्र में मछली पकड़ने पर कैसे विवाद हो सकते हैं, ये भारत और श्रीलंका भी जानते हैं और इंडोनेशिया और उसके पड़ोसी देश भी. गैरकानूनी रूप से मछली पकड़ने वालों के खिलाफ इंडोनेशिया ने युद्ध छेड़ दिया है.

इंडोनेशिया ने एक बार फिर अपनी जल सीमा के भीतर गैरकानूनी रूप से मछली पकड़ रही 81 नावों को डुबो दिया. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो गैरकानूनी फिशिंग के खिलाफ युद्ध का एलान कर चुके हैं. तब से लेकर अब तक देश में 317 विदेशी नावें डुबो दी गई हैं. इंडोनेशिया की विदेश मंत्री सुसी पुदजियास्तुति ने इसे साफ चेतावनी बताते हुए कहा है कि इससे घुसपैठ कर मछली मारने वालों को साफ संदेश मिल जाना चाहिए.

विदेश मंत्री ने कहा, "हमें उम्मीद है कि सिनो (जहाज का नाम) गैरकानूनी फिशिंग के खिलाफ हमारी जीत का प्रतीक है." पिछले हफ्ते के आखिर में इंडोनेशिया ने सिनो जहाज की मदद से कई बड़ी नावों को अंबन इलाके में डुबो दिया.

फिशरीज एंड मरीन मंत्रालय के मुताबिक शनिवार को 12 अलग अलग जगहों पर गैरकानूनी रूप से मछली पकड़ने वाली नावों को उड़ाया गया. इनमें से ज्यादार नावें और जहाज वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया और थाइलैंड के थे.

Indonesien Versenkung eines illegalen Fischerboots (picture-alliance/dpa/Y. Kurnia Irawan)

समुद्र में डुबोई गई गैरकानूनी नावें

समुद्र में छिड़ी संसाधनों की लड़ाई में इंडोनेशिया का टकराव चीन से भी हो रहा है. इंडोनेशिया का आरोप है कि चीन की नौसेना ने गैरकानूनी रूप से फिशिंग कर रही चीनी नाव को बचाया.

एक अनुमान के मुताबिक 2014 में इंडोनेशिया को गैरकानूनी फिशिंग से अरबों डॉलर का नुकसान हुआ. इंडोनेशिया की सरकार ने अपने पड़ोसियों से भी सख्त लहजे में कहा है कि वे सप्रंभुता का सम्मान करें.

दुनिया के कई इलाकों में मछली पकड़ने को लेकर ऐसे झगड़े चल रहे हैं. भारत और श्रीलंका भी आए दिन ऐसे विवाद का सामना करते हैं. दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के मछुआरे अक्सर श्रीलंका के जल क्षेत्र में पहुंच जाते हैं. हाल के सालों में श्रीलंका की नौसेना कार्रवाई करने लगी है. अदन की खाड़ी में भी ऐसी ही समस्याएं सामने आ चुकी हैं. सोमालिया के आस पास बड़ी कंपनियों ने आधुनिक जहाजों के मदद से इतने बड़े पैमाने पर मछली पकड़ी कि स्थानीय लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया.

(क्यों मर रही हैं व्हेलें)

ओएसजे/आरपी (एपी,पीटीआई)

 

DW.COM

संबंधित सामग्री