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खेल

भ्रष्टाचार में दिल्ली सरकार के अधिकारी

कॉमनवेल्थ खेलों में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर रहे केंद्रीय सतर्कता आयोग ने दागी अधिकारियों की सूची तैयार की है. संदेह के घेरे में आने वाले कई अधिकारी दिल्ली सरकार के हैं कई सौदों पर जताया संदेह.

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केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीवीसी के मुताबिक कॉमनवेल्थ खेलों के लिए खरीदे गए मेडिकल उपकरणों और अन्य सौदें में अनियमितता पाई गई है. सीवीसी का कहना है कि कई बड़े प्रोजेक्ट का काम पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे अधिकारियों को सौंपा गया. विभाग ने ऐसे दागी अधिकारियों की सूची तैयार की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी हासिल की है. आरटीआई के जवाब में केंद्रीय सर्तकता आयुक्त ने कहा है, ''कुछ शिकायतें कॉमनवेल्थ खेलों के लिए मेडिकल उपकरणों की खरीद और दागी प्रोजेक्ट अधिकारियों को लेकर हैं. दिल्ली सरकार के जरूरी कदम उठाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है.''

Indien Commonwealth Games 2010

कॉमनवेल्थ खेलों के लिए दिल्ली सरकार को केंद्र से 16,000 करोड़ रुपये मिले. आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी भी आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि दिल्ली सरकार यह बताए कि उसने इतनी बड़ी रकम आखिर कहां खर्च की. सीवीसी के मुताबिक खेलों का प्रचार करने वाले रंग बिरंगे वाहनों, प्रचार या जानकारी देने वाले स्टैंड्स और बैनरों की खरीद में घपलेबाजी हुई है. भ्रष्टाचार तिल से लेकर ताड़ तक यानी हर छोटी चीज से लेकर बड़ी चीज में सामने आ रहा है. उदाहरण के तौर पर सड़कों, वाहनों या इमारतों में बनाए जाने वाले साइन मार्क्स के नाम भी पैसा डकारा गया है. अब देखना है कि कलमाड़ी पर निशाना साध रही दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित अपने महकमे पर क्या कार्रवाई करती हैं.

भ्रष्टाचार के आरोप खेल आयोजन समिति पर भी लग रहे हैं. जांच के लिए प्रधानमंत्री ने एक समिति भी बना दी है. इस बीच खेलों के लिए बनाए गए मंत्रियों के विशेष दल ने आज आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को भी तलब किया है.

रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह

संपादन: आभा एम

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