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दुनिया

भ्रष्टाचार पर कैमरन की नई पहल

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भ्रष्टाचार से निपटने में पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया. उन्होंने दूसरे देशों से ब्रिटेन की तर्ज पर मुनाफे वाले निवेश और संपत्तियों को सार्वजनिक करने का सिस्टम बनाने का आह्वान किया.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कैमरन ने लंदन में आयोजित भ्रष्टाचार विरोधी सम्मेलन में दूसरे देशों को सीख दी. कैमरन ने कहा कि फ्रांस, नीदरलैंड्स, नाइजीरिया और अफगानिस्तान को ब्रिटेन की तर्ज पर मुनाफे वाले निवेश और संपत्तियों को सार्वजनिक करने का आह्वान किया.

ग्लोबल एंटी-करप्शन समिट के उद्घाटन के मौके पर कैमरन से देश के बाहर स्थित ब्रिटेन के टैक्स हेवेन्स को खोलने के लिए कदम उठाने की मांग हुई. इस सम्मेलन में वह स्वयं दूसरे देशों से इस बात पर प्रतिबद्धता चाह रहे हैं. दुनिया के 50 देशों और ओवरसीज इलाकों से आए प्रतिनिधि इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. इनमें नाइजीरिया और अफगानिस्तान के नेताओं के अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी भी शामिल हैं.

यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जबकि हाल में सामने आए पनामा पेपर्स में खुद कैमरन समेत ब्रिटेन के कई लोगों का नाम आने से लोगों में नाराजगी है. ऐसी कई ओवरसीज कंपनियों के नाम पैसा लगाकर लंदन के प्रॉपर्टी बाजार में निवेश किए जाते थे. इन कंपनियों की मदद से टैक्स की चोरी होती है और नई कंपनियां गठित कर 'टैक्स ​हेवन' देशों में अपना पैसा जमा करवाया जाता है. पनामा स्थित कंसलटेंसी फर्म मोसैक फॉन्सेका से लीक हुए दस्तावेजों से यह घोटाला सामने आया है.

इसके बाद ब्रिटेन ने इस बाबत एक नई योजना बना कर ऐसी 100,000 से भी अधिक विदेशी कंपनियों को अपने असली मालिकों के नाम उजागर करने के आदेश दिए हैं, जिनके नाम ब्रिटेन में संपत्तियां खरीदी गई हैं. भविष्य में जब भी कोई विदेशी फर्म ब्रिटेन में संपत्ति में निवेश करेगी या किसी सरकारी ठेके के लिए आवेदन भरेगी, तो उसकी जानकारी एक सार्वजनिक रजिस्टर में दर्ज करवानी पड़ेगी. यह योजना जून से अमल में आ जाएगी.

इन कदमों ने बावजूद कैमरन पर ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड जैसी जगहों के बारे में और सख्त कदम उठाने का दबाव है. पनामा पेपर्स में शामिल आधे से ज्यादा कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में ही स्थित दिखाई गई थीं. इस मौके पर समिट के आयोजन स्थल से कुछ ही कदम दूर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक नकली टैक्स हेवेन का नजारा दिखा रहे हैं.

ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड की इस सम्मेलन में शिरकत नहीं है और उन्होंने इस नए समझौते पर हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं. खुद पनामा ने नए ओईसीडी समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हुए टैक्स संबंधी जानकारी साझा करने के लिए हामी भर दी है.

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