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दुनिया

भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से ग्रस्त भारतीय लोकतंत्र

क्या विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत, लोकतंत्र के मानकों पर पूरी तरह खरा उतर रहा है? देखिए क्या सोचते हैं कांग्रेस सांसद शशि थरूर खुद अपनी पार्टी के वर्तमान और भविष्य पर, डॉयचे वेले को दिए खास इंटरव्यू में.

वीडियो देखें 26:00

भारतीय सांसद शशि थरूर की डॉयचे वेले से खास बातचीत

डॉयचे वेले को दिए विशेष साक्षात्कार में कांग्रेस नेता शशि थरूर दावा करते हैं, "कश्मीर में हुआ ऐसा एक भी अपराध या दुर्व्यवहार बचा नहीं होगा, जिसे किसी भारतीय व्यक्ति, प्रशासन, मीडियाकर्मी या किसी भारतीय एनजीओ ने उजागर ना किया हो." भारतीय कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन और हिंसा के प्रश्न पर थरूर कहते हैं कि, "भारतीय ही सबसे पहले इसकी बात उठाते हैं. कश्मीर में हो रही किसी गलत चीज को छुपाना असंभव है."

कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने के बाद से ही बंटे हुए हैं. 1947 में भारत से अलग हो कर पाकिस्तान का जन्म हुआ. कश्मीर पर आधिपत्य को लेकर दोनों देश दो बार युद्ध लड़ चुके हैं और आज भी कश्मीर घाटी दुनिया का सबसे घना सैन्य क्षेत्र है.

कांग्रेस पार्टी के नेता और केरल के तिरुअनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कश्मीर में बरामद हुई सामूहिक कब्रों पर कहा: "दुखद लेकिन सच है कि कश्मीर में कई ऐसी हरकतों के लिए सेना और प्रशासन पर आरोप लगते हैं, जिन्हें आतंकी करते हैं. वहां लोग अपनी जान को लेकर इतने डरे हुए हैं कि वे आतंकवादियों पर आरोप नहीं लगा पाते."

राजनीति में परिवारवाद का बोलबाला

ब्रिटिश लेखक पैट्रिक फ्रेंच ने 2012 में लिखा था कि 30 से कम उम्र के शत प्रतिशत भारतीय सांसद राजनीतिक परिवारों से आते थे. वहीं 31 से 40 के बीच की उम्र में करीब 65 फीसदी सांसद भी "आनुवंशिक" कारणों से चुने गए थे यानि उन सीटों पर अपने पूर्वजों की ही तरह चुन कर आए थे.

थरूर खुद किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं आते और ना ही उनके परिवार में कोई और फिलहाल राजनीति में है. लंबे राजनयिक करियर के बाद 2009 में राजनीति में कदम रखने वाले थरूर तब से ही केरल के तिरुअनंतपुरम से सांसद हैं और भारतीय राजनीति में वंशवाद की काफी गहरी जड़ें होने की बात को स्वीकार करते हैं. लेकिन इसे वे केवल अपनी पार्टी कांग्रेस में ही सीमित नहीं बताते. थरुर कहते हैं, "ऐसा हर पार्टी में चल रहा है, इसलिए किसी एक की ओर उंगली उठाना और यह कहना मुश्किल है, कि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए. मैंने राजनीति में प्रवेश करने के बाद यह जाना कि आप और हम चाहे जिसे भी अच्छा लोकतांत्रिक चलन न समझें, फिर भी वो इतनी गहराई से हमारी संस्कृति में रचा बसा है कि उससे राजनीति भी संक्रमित हो गयी है."

समाज के सभी तबकों और पेशों में व्याप्त इस संस्कृति का उदाहरण देते हुए थरूर ने बताया कि 'नेपोटिज्म' केवल राजनीति में ही नहीं है, बल्कि मुख्यधारा की फिल्मों के एक्टर्स को देखें तो ज्यादातर पुराने जमाने के किसी अभिनेता, निर्माता या निर्देशक के बच्चे ही होते हैं.

"भ्रष्टाचार पर चुप्पी नहीं रख सकते"

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने अपनी 2016 की रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के मामले में भारत को 176 देशों की सूची में 79वें स्थान पर रखा. इस अंतरराष्ट्रीय संस्था ने लिखा: "भारत में सरकार का छोटे-बड़े भ्रष्टाचार के मामलों से प्रभावी तरीकों से निपटने में बहुत खराब प्रदर्शन रहा है. भ्रष्टाचार का असर गरीबी, निरक्षरता और पुलिस की क्रूरता के रूप में दिखता है. केवल अर्थव्यवस्था ही नहीं आर्थिक असमानता भी बढ़ रही है."

थरूर ने जनता का आह्वान करते हुए कहा, कि वे "राजनीतिक भ्रष्टाचार पर चुप ना रहें और राजनीति में काले धन पर भी बोलें." भारत के प्रधानमंत्री और बीजेपी नेता नरेंद्र मोदी ने देश में काले धन को सिस्टम से बाहर निकालने का अभियान छेड़ा हुआ है. सत्ताधारी बीजेपी और कांग्रेस के बीच वित्तीय पारदर्शिता के मामले में कांग्रेस का रिकॉर्ड कहीं ज्यादा खराब दिखता है. 2004-05 और 2014-15 के बीच कांग्रेस पार्टी की कुल आय का 83 फीसदी हिस्सा अज्ञात स्रोतों से आया, जबकि बीजेपी का 65 फीसदी. थरूर ने हालात को बदलने के लिए नियमों में बदलाव लाने और कानूनों को ज्यादा यथार्थवादी बनाने की मांग पर जोर दिया.

कारोलीन श्मिट/आरपी

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