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दुनिया

भूमि बिल पर जनता के बीच जाएगी बीजेपी

बेंगलूरू में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो रही है उनमें भूमि बिल भी शामिल है. विपक्ष की आलोचना का मुकाबला करने के लिए पार्टी इस मुद्दे पर पूरे देश में रैलियां निकालेगी.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस को बीजेपी में कमियां ढ़ूंढने के बजाए अपनी पार्टी के नेता राहुल गांधी को ढूंढने की सलाह दी. कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां भूमि अधिग्रहण के नए नियमों का विरोध कर रही है. बीजेपी की सरकार ने ताजा संसद अधिवेशन के दौरान भूमि कानून पास कराने में विफलता के बाद भूमि अधिग्रहण अध्यादेश फिर से लागू कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इस अध्यादेश को कानूनी स्वरूप देने पर दृढ़ है.

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष पर निशाना साधते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उन पर भूमि अधिग्रहण कानून के बारे में "जानबूझ कर गलतफहमियां फैलाने" का आरोप लगाया. शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को मोदी सरकार के बारे में उन कमियों को ढूंढने से बचना चाहिए जो "हैं ही नहीं" और कहा कि "उन्हें इसके बजाए अपने नेता राहुल गांधी को ढूंढने पर ध्यान लगाना चाहिए." कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सार्वजनिक जीवन से नदारद हैं और उनकी अनुपस्थिति के बारे में पिछले करीब 6 हफ्तों से अटकलें लग रही हैं.

शुक्रवार से बेंगलूरू में शुरू हुई बीजेपी की दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन भाषण में शाह ने विवादित भूमि अधिग्रहण कानून को किसानों के हित में बताया और जोर दिया कि बीजेपी कृषकों के हितों के लिए समर्पित पार्टी है. शाह ने कहा, "हम यह संदेश किसानों तक पहुंचाएंगे कि बीजेपी खेतिहर लोगों की साथी है. वे किसान ही हैं जिन्होंने हमें शासनादेश दिया." केन्द्र सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि भूमि कानून मामले पर विपक्षी दलों और किसानों के अच्छे सुझावों के आधार पर कानून में बदलाव लाए जा सकते हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्त मंत्री अरूण जेटली, बीजेपी के वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी भी इस सत्र के दौरान मंच पर उपस्थित थे. आडवाणी को पार्टी की महत्वपूर्ण निर्णायक ईकाई से बाहर रख कर मार्गदर्शक मंडल का सदस्य बना दिया गया था. बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 111 सदस्यों के अलावा कई विशेष आमंत्रित मेहमान भी शामिल हुए. इसमें बीजेपी प्रशासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यों के पार्टी प्रभारी भी हैं. आने वाले दिनों में 15 लाख से भी अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को खास प्रशिक्षण दिया जाना है जो जनता के बीच जाकर सरकार के अच्छे कामों का प्रचार प्रसार करेंगे.

आरआर/एमजे(पीटीआई)

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