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भारत से लंदन को किंगफिशर की उड़ानें रद्द

राख के बादल के कारण किंगफिशर एयरलाइन्स ने भारत से लंदन जाने वाली सभी उड़ानों को सोमवार को रद्द कर दिया. जबकि एयर इंडिया ने मुंबई से लंदन जाने वाली उड़ान का समय बदला है.

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एक बार फिर रुकी उड़ाने

सोमवार सुबह दो बजकर बीस मिनट को लंदन जाने वाली फ्लाइट का समय बदला गया है. एयर इंडिया के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि दिन में इस बारे में निर्णय लिया जाएगा. जेट एयरवेज़ की लंदन जाने वाली उड़ानें सामान्य शुरू हैं.

यूरोपीय हवाई यातायात प्रबंध एजेंसी ने कहा है कि आइसलैंड के ज्वालामुखी से निकली राख के बादल ने सोमवार सुबह दिशा बदली. उधर ब्रिटेन ने हीथ्रो और गैटविक एयरपोर्ट पर उड़ानें धीरे धीरे शुरू करने का फ़ैसला किया है.

ब्रिटेन ने सोमवार सुबह कहा कि वह लंदन के मुख्य एयरपोर्ट से उड़ानें धीरे धीरे सामान्य करेगा क्योंकि राख के बादल की दिशा बदल गई है और अब लंदन से आने जाने वाली उड़ानों को ख़तरा कम हो गया है. इससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिलेगी.

लंदन का गैटविक और हीथ्रो एयरपोर्ट यूरोप के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है और यहां से दिन में कई सौ हवाई जहाज़ दुनिया भर में जाते हैं.

ब्रिटेन की हवाई यातायात सेवा एनएटीएस ने सोमवार सुबह जानकारी दी कि हीथ्रो औऱ गैटविक एयरपोर्ट्स में उड़ानों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया गया है. हालांकि कुछ रुकावटें रहेंगी.

लेकिन नीदरलैंड्स और आयरलैंड के हवाई अड्डों को अभी कोई राहत नहीं मिली है. वे बंद हैं.

सोमवार तड़के एक से सात बजे तक लंदन ने हीथ्रो और गैटविक हवाई अड्डों को बंद करने की घोषणा की थी साथ ही नीदरलैंड में एम्सटर्डम और रोटेरडम में हवाई अड्डे बंद रखने का फ़ैसला भी लिया गया था.

नीदरलैंड्स के बाकी हवाई अड्डे प्रभावित नहीं हुए हैं. लेकिन चूंकि एम्सटर्डम और रोटेरडम हवाई अड्डे वहां के प्रमुख हैं इसलिए नीदरलैंड्स में उड़ानें काफी प्रभावित होंगी.

अप्रैल में आइसलैंड के ज्वालामुखी से उड़ी राख के वायुमंडल में सघन हो जाने के कारण पूरे यूरोप से करीब एक लाख उड़ानें रद्द कर दी गई थीं.

यूरोप के हवाई यातायात पर नज़र रखने वाले यूरोकंट्रोल के हाल के चार्ट से पता लगता है कि राख के बादल ने दिशा बदली है इसलिए हीथ्रो और गैटविक से कुछ उड़ाने आ जा सकती हैं.

हालांकि आइसलैंड के ज्वालामुखी की सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है इसलिए ये नहीं कहा जा सकता कि लंदन सहित यूरोप के किन हवाई अड्डों पर आगे प्रभाव पड़ेगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा मोंढे

संपादनः प्रिया एसेलबॉर्न

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