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जर्मन चुनाव

भारत से नफरत करता है हेडलीः विकीलीक्स

मुंबई हमले की साजिश रचने के आरोपी डेविड हेडली के मन में भारत के प्रति नफरत भरी है और उसने साफ कह दिया था कि अगर उसके अपराध स्वीकार करने के बाद अमेरिका ने भारत के साथ सहयोग किया तो वह जांच में मदद करना बंद कर देगा.

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अमेरिका में पकड़ा गया हेडली

भारत के खिलाफ हेडली के मन में नफरत की बात विकीलीक्स पर जारी एक खुफिया अमेरिकी संदेश के सार्वजनिक होने से पता चली है. भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम और अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के निदेशक रॉबर्ट म्युलर के बीच इस साल 23 फरवरी को मुलाकात हुई जिसमें म्युलर ने बताया कि हेडली के मन में भारत के प्रति नफरत भरी है और अगर उसका अपराध स्वीकार करना भारत के साथ सहयोग से जुड़ता है तो वह जांच में मदद नहीं करने की धमकी दे रहा है.

गृह मंत्री चिदंबरम ने मुलाकात के दौरान कहा कि 26/11 के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत अमेरिका से मिली जानकारी का इस्तेमाल नहीं करेगा. हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि भारतीय जांच एजेंसियों ने हेडली के कंप्यूटर और ईमेल से कई अहम जानकारी एकत्र की हैं. म्युलर से बातचीत में चिदंबरम ने डेविड हेडली की पत्नी से पूछताछ करने की इजाजत दिए जाने पर जोर दिया. हेडली इस साल 18 मार्च को अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को स्वीकार कर चुके हैं.

मुंबई हमले और डेनमार्क के अखबार पर हमले की साजिश रचने के आरोप स्वीकार कर हेडली मौत की सजा से बचना चाहता है. आरोप स्वीकार करने से पहले अभियोजन पक्ष के वकीलों ने हेडली के साथ सहमति बनाई कि न तो उसे मौत की सजा दी जाएगी और न ही भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा बशर्ते कि वह जांच में सहयोग करता रहे. हेडली को पिछले साल तीन अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया.

हेडली के खिलाफ फिलहाल भारत में चार्जशीट लाए जाने की संभावना नहीं है. जब तक अजमल कसाब की सजा पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर नहीं लग जाती तब तक हेडली के खिलाफ चार्जशीट नहीं लाई जाएगी. विकीलीक्स पर जारी एक अमेरिकी केबल में यह बात सामने आई है. भारत को आशंका है कि हेडली पर लगे आरोपों का फायदा अजमल कसाब अपने मुकदमे में उठा सकता है जिससे अदालती कार्रवाई में देरी होगी.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए जमाल

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