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खेल

भारत में होगी फेटल की जीत

जर्मनी के सोबास्टियन फेटल ने जापान की ग्रां प्री जीत ली, लेकिन एक प्वाइंट की कमी के कारण इस सीजन का फॉर्मूला वन खिताब भारतीय ग्रां प्री तक टल गया है.

हालांकि चौथा टाइटल जीतने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ था, लेकिन फिर भी सुजूका की जीत इस मायने में महत्वपूर्ण थी कि यह फेटल की लगातार पांचवी जीत थी. फोटोग्राफरों के प्लैश लाइट के बीच इस सीजन में अपनी नवीं रेस जीतने के लिए रेड बुल ड्राइवर ने अपने फैंस का शुक्रिया अदा किया. "मैं सचमुच रोमांचित हूं. कुल मिलाकर एक सही रेस."

दो हफ्ते बाद भारत में होने वाली ग्रां प्री में पांचवा स्थान भी फेटल के लिए चैंपियनशिप जीतने के लिए काफी होगा. सीजन समाप्त होने से पहले ही फेटल जीत की पार्टी मना सकते हैं, भले ही उनके प्रतिद्वंद्वी फर्नांडो अलोंसो भारत में बुद्धा सर्किट पर होने वाली रेस क्यों न जीत जाएं. हालांकि बुद्धा सर्किट फेटल के लिए अब तक भाग्यशाली रहा है और इस बार भी वे वहां जीत का जश्न मना सकते हैं.

सुजूका में एक बार फिर फेटल ने अपना जादुई हुनर दिखाया और सटीक ड्राइवरी के साथ चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर चौथी जीत हालिस की. न तो उनके टीम के साथी मार्क वेबर और न ही अप्रत्याशित रूप से बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे लोटस के रोमैं ग्रोसयां 26 वर्षीय फेटल को रोक पाए. वेबर दूसरे नंबर पर रहे तो ग्रोसयां तीसरे नंबर पर. बॉक्स रेडियो पर फेटल चिल्लाए इचीबान. जापानी भाषा के इस शब्द मतलब है, फर्स्ट यानी पहला. फरारी के ड्राइवर अलोंसो अपनी रूटीन दौड़ में चौथे नंबर पर आए और टाइटल के फैसले को एक और रेस के लिए रोकने में कामयाब रहे. इसकी वजह से भारत का ग्रां प्री अत्यंत दिलचस्प हो गया है.

जीत के बाद फेटल ने कहा, "मुझे यह ट्रैक पसंद है, यहां के लोग भी. मैंने यहां इसका मजा लिया है." कमजोर शुरुआत के बावजूद फेटल ने दो बार रुकने और उसके बीच हमला करने और टायर को आराम देने की शुरु में सोची रणनीति को लागू किया. जर्मन ड्राइवर ने खुश होकर कहा, "यह पूरी तरह काम आया."

यही है वह 'सवाल का निशान' जिसे आप तलाश रहे हैं. इसकी तारीख 14/10 और कोड 535 हमें भेज दीजिए ईमेल के ज़रिए hindi@dw.de पर या फिर एसएमएस करें +91 9967354007 पर.

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सुजूका में जीत के बाद फेटेल के कुल 297 प्वाइंट हैं और वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 90 अंक आगे हैं. सीजन में अभी चार रेस बाकी है जिनमें खिलाड़ियों को अधिकतम 100 अंक मिल सकते हैं. इसका मतलब यह होगा कि यदि भारत में अलोंसो जीत जाते हैं और फेटल पांचवे रहते हैं तो भी अलोंसो के लिए इस अंतर को पाटना संभव नहीं होगा. अलोंसो ने कहा, "अब बस समय की बात है, हमारे लिए रेस अच्छा नहीं रहा, लेकिन यह अच्छा है कि चैंपियनशिप की रेस खुली है, कम से कम एक रेस में."

चैंपियनशिप में तीसरे नंबर पर चल रहे किमी राइकोनेन को सुजूका में पांचवा स्थान मिला और फेटल से 120 प्वाइंट पीछे होने के कारण वे भी चैंपियनशिप की रेस से बाहर हैं. लेकिन चैंपियनशिप के कगार पर पहुंचे फेटल कहते हैं, "लोग अक्सर भूल जाते हैं कि इसके पीछे कितनी मेहमत होती है. हमारी अच्छी बढ़त है, सब कुछ अच्छा दिख रहा है, लेकिन हम आराम नहीं करेंगे."

एमजे/एनआर (डीपीए)

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