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दुनिया

भारत में हैं सबसे ज्यादा गुलाम

दुनिया में आज भी करीब 4.56 करोड़ लोग गुलामी की बेड़ियों में जकड़े हैं. एक-तिहाई से ज्यादा आधुनिक गुलाम तो केवल भारत में ही हैं.

ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स के अनुसार दुनिया भर में आधुनिक युग के गुलामों की तरह जीने वालों की तादाद करोड़ों में है. इनसे बिना पैसे दिये काम करवाया जाता है, सेक्सबंधक के रूप में बेचा जाता है, अपने आदेशों पर चलने वाले दास की तरह रखा जाता है और कई बार बाल सैनिकों के रूप में युद्ध में झोंक दिया जाता है.

इस तरह की दासता झेल रहे सबसे ज्यादा लोग भारत में रहते हैं. इनकी संख्या 1.83 करोड़ आंकी गई है. ऑस्ट्रेलिया स्थित मानवाधिकार संगठन वॉक फ्री फाउंडेशन ने बताया है कि भारतीय घरों में घरेलू नौकर, बंधुआ मजदूरों, भिखारियों और सेक्स वर्करों के रूप में इन्हें मजबूरी और गुलामी का जीवन जीने पर मजबूर किया जाता है.

ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स में कुल 167 देशों की सूची बनाई गई है. जहां भारत की कुल आबादी का 1.4 फीसदी गुलामी में फंसा है, वहीं उत्तर कोरिया में हर 20 में से एक व्यक्ति आधुनिक गुलाम है यानि कुल आबादी का करीब 4.3 प्रतिशत हिस्सा. उत्तर कोरिया में नागरिकों से राज्य-समर्थित बेगारी करवायी जाती है. इनमें से कई राजनीतिक बंदी हैं और कई ऐसे लोग जो बाहर के देशों से श्रमिक के रूप में लाए गए.

गुलामों की संख्या के मामले में भारत के बाद चीन का नाम आता है. चीन में 34 लाख, पाकिस्तान में करीब 21 लाख लोगों को गुलाम बना कर रखा गया है. पिछले साल के मुकाबले दुनिया भर में इनकी संख्या बढ़ी है और 2014 के 3.58 करोड़ से 2015 में 4.56 करोड़ हो गई है. वॉक फ्री फाउंडेशन के अध्यक्ष एंड्रयू फॉरेस्ट ने दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और सभी सरकारों से इन गुलामों की मदद करने का आह्वान किया है. इस फाउंडेशन की स्थापना खनन अरबपति और समाजसेवी फॉरेस्ट ने 2012 में की थी.

विश्व के 124 देशों में मानव तस्करी को अपराध माना जाती है और 96 देशों में इससे निपटने के लिए नेशनल एक्शन प्लान भी बने हैं. मानव तस्करी से निपटने के उपाय करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए इस रिपोर्ट में भारत की प्रशंसा की गई है.

आरपी/आईबी (एएफपी,डीपीए)

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