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जर्मन चुनाव

भारत में वेदांता को एक और बड़ा झटका

भारत सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी खनन कंपनी वेदांता को एक और बड़ा झटका देते हुए एल्यूमिनियम संयंत्र लगाने की अनुमति नहीं दी है. सरकार ने इस संयंत्र से पर्यावरण को नुकसान होने की आशंका के चलते अनुमति नहीं दी है.

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पर्यावरण मंत्रालय ने ब्रिटेन की इस कंपनी को पूर्वी भारत में प्लांट लगाने की अनुमति नहीं दी है. इससे पहले अगस्त में भी मंत्रालय ने कंपनी की विस्तार योजना पर पलीता लगाते हुए उड़ीसा में बॉक्साइट खनन पर रोक लगा दी थी.

मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि भारत में अरबपति व्यवसाई अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली कंपनी वेदांता उड़ीसा के लांजीगढ़ खनन क्षेत्र में संयंत्र के निर्माण को लेकर किसी तरह का कामकाज नहीं कर सकती. कंपनी को फिलहाल यथास्थिति बहाल रखनी होगी.

कंपनी विस्तार योजना के तहत भारत में अपनी खनन क्षमता 10 लाख टन से बढ़ाकर 60 लाख टन करना चाहती है. 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर की इस विस्तार योजना पर सरकार ने पर्यावरण को नुकसान होने का हवाला देकर इसे हरी झंडी नहीं दी.

सरकार ने इसे अनुमति देने के एवज में कंपनी के सामने शर्त रखी है कि उसे प्लांट के आस पास जंगलों को पूरी तरह से बरकरार रखना होगा, प्रदूषण पर पूरी निगरानी रखनी होगी और स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बैंक गारंटी के रूप में 22 लाख अमेरिकी डॉलर देने होंगे.

रिपोर्टः पीटीआई/निर्मल

संपादनः ए कुमार

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