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विज्ञान

भारत में बनी दवा खत्म कर सकती है पोलियो

वैज्ञानिकों का कहना है कि पोलियो के लिए नई डबल स्ट्रेन वैक्सीन, पुरानी दवा से ज्यादा असरकारक है.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैज्ञानिकों ने लांसेट जरनल में प्रकाशित के शोध में कहा कि अलग अलग प्रयोगों में मालूम हुआ कि बायवेलेन्ट पोलियो वैक्सीन ट्रिपल वैक्सीन की तुलना में बहुत असरकारक है और इसकी प्रतिरोधक क्षमता भी ज्यादा है.

वैज्ञानिक रोनाल्ड सटर ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यक्रम के तहत बनाई गई नई वैक्सीन पोलियो को खत्म करने में अहम साबित होगी. इसे ब्रिटेन के ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन और भारत की पैनेसिया बायोटेक ने मिल कर बनाया है.

Impfungen gegen Kinderlähmung in Pakistan

सटर ने कहा, "बायवेलेन्ट का मुख्य फायदा ये है कि ये टाइप वन और टाइप थ्री दोनों ही पोलियो वायरस पर असर करती है. इसका बहुत अच्छा असर भारत और नाइजीरिया में देखा गया है क्योंकि इस साल पोलियो के नए मामलों में कमी आई है."

पोलियो गंदगी के कारण फैलता है और सीधे तंत्रिका प्रणाली पर हमला करता है और संक्रमण के कुछ ही घंटों में पैरों को नुकसान पहुंचाता है.

1988 में 125 देशों में हर दिन कम से कम हजार बच्चे पोलियो का शिकार होते थे. पुराने ट्राइवेलेंट, ओरल पोलियो वैक्सीनेशन के कारण इसकी संख्या कम हुई. लेकिन इसके बावजूद भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान जैसे देशों में टाइप वन और थ्री पोलियो खत्म नहीं हुआ. वैज्ञानिकों को लेकिन उम्मीद है कि इस नई बाइवेलेन्ट दवाई से ये समस्या भी खत्म हो जाएगी.

अगस्त और दिसंबर 2008 के बीच सटर और उनके साथियों ने भारत के तीन अलग अलग हिस्सों से 830 नवजात शिशुओं की जांच की. इन सभी को किसी न किसी तरह की पोलियो वैक्सीन दी गई थी. जन्म के तुरंत बाद और फिर एक महीने बाद इनकी जांच की गई. इनकी खून की जांच की गई. इसके बाद सामने आया कि पोलियो कि नई वैक्सीन बीओपीवी दूसरी दोनों दवाओं की तुलना में बेहतर है.

ताजा आंकड़े कहते हैं कि इस साल पोलियो के सिर्फ 32 मामले सामने आए हैं जबकि 2009 में 260 मामले थे.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः एमजी

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