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दुनिया

भारत में बढ़ रहे हैं अफगानी छात्र

हर साल अफगानिस्तान से हजारों छात्र उच्च शिक्षा के लिए भारत आते हैं. इनमें से बहुत से बैचलर, मास्टर्स और डिप्लोमा कोर्स के लिए दिल्ली, बैंगलोर और पूना आते हैं.

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इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन अफगानी स्टूडेंट्स को उनकी शिक्षा के लिए पूरा वजीफा भी उपलब्ध करवा रहा है. जिससे की उन्हें भारत में पढ़ाई पूरी करने में कोई परेशानी न हो.

Student Indien Universität Delhi

भारतीय शिक्षा पद्धति पसंद की जाती है अफगानिस्तान में

नजारी और सईद दिल्ली की पांच मंजिला इमारत में उन सैकड़ों अफगानी स्टूडेंट्स के साथ रहते हैं जो दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं. आप जैसे जैसे इस इमारत की सीढ़ियां चढ़ते जाते हैं, वैसे वैसे आपको अफगानी तहजीब का अहसास होता जाता है. कभी आपको अफगानी संगीत सुनाई देता है तो कभी अफगानी चिकन और पुलाव की खुशबू से आपकी भूख बढ़ने लगती है.

मुहवल्लाह नजारी यहां रहकर बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई कर रहे हैं. नजारी ने पढ़ाई के लिए भारत को ही क्यों चुना. इस सवाल के जवाब में नजारी कहते हैं कि भारतीय शिक्षा पद्धति की अफगानिस्तान में बहुत कद्र है और इसके अलावा यहां की शिक्षा दूसरे देशों के मुकाबले महंगी नहीं है. नजारी कहते हैं कि अन्य भाषाओं की तुलना में भारत की भाषा हिन्दी समझने में आसान है, क्योंकि हम अफगानी लोग उर्दू समझते हैं और हिन्दी और उर्दू में आपस में बहुत समानताएं हैं.

अफगानी स्टूडेंट्स भारतीय संस्कृति और हिन्दी भाषा से खासे परिचित हैं, क्योंकि वे हिन्दी फिल्में और टीवी सीरियल बहुत पसंद करते हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई कर रहे मोहम्मद आरिफ जमशेदी के मुताबिक भारत में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी है और इससे काफी स्टूडेंट्स भारत में शिक्षा लेने आते हैं.

जमशेदी ने बताया कि अफगानिस्तान में कई विदेशी संस्थाएं और एनजीओ अंग्रेजी और कम्प्यूटर जानने वाले लोगों को अच्छी तनख्वाह देती हैं. इसके अलावा किसी कोर्स में ग्रेजुएशन के बाद स्टूडेंट्स को वहां अच्छी नौकरी मिल जाती है.

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में कई अफगानी छात्र

हालांकि पॉलिटिकल साइंस के एक अन्य स्टूडेंट मोहम्मद साफा सरवारी के मुताबिक अफगानियों के लिए भारतीय खानों से सामंजस्य बैठा पाना मुश्किल होता है. साफा ने कहा कि शुरुआत में मुझे भारत के मसालेदार व्यंजनों से परेशानी हुई, इसलिए पहले कुछ दिनों तक मैंने सिर्फ केले खाए. जब में एक भारतीय के साथ रहा तो शाकाहार और मांसाहार वाली समस्या सामने आई. इसके अलावा कुछ भारतीय मंगलवार औऱ गुरुवार को खाना ही नहीं खाते. इस तरह खाने को लेकर कई समस्याएं रहीं.

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