भारत में एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद | दुनिया | DW | 08.11.2016
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दुनिया

भारत में एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद

भारत सरकार ने एक हजार और पांच सौ रुपए के नोटों को बंद करने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ये घोषणा की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भ्रष्टाचार और काले धन पर रोक लगाने के उपायों के तहत यह कदम उठाया गया है. उन्होंने बताया कि जिन लोगों के पास एक हजार और पांच सौ रुपए के नोट हैं, वे 30 दिसंबर तक इन्हें जमा करा सकते हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को अफरातफरी करने की जरूरत नहीं है. इन नोटों को बैंकों और डाकघरों में जमा कराया जा सकता है. मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में देश के हर व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि जल्द ही पांच सौ और दो हजार रुपए के नए नोट जारी किए जाएंगे.

भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ कदम उठाना नरेंद्र मोदी के चुनावी वादों में से एक था. मोदी ने कहा कि भारत में सवा लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का काला धन है जिससे निपटना आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए विदेशों से जाली मुद्रा भेजी जा रही है.

मोदी ने कहा कि लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है क्योंकि एक ईमानदार आदमी के लिए आज कुछ भी खरीदना बड़ी मुसीबत है. भारत में संपत्ति समेत बड़े सौदौं में काले धन का लेन देन होता है. लेकिन सरकार के ताजा फैसले के बाद पांच सौ और एक हजार रुपए को नोटों को बदलने के लिए लोगों के पास 50 दिन का समय होगा. बुधवार को बैंक बंद रहेंगे और कुछ एटीएम भी काम नहीं करेंगे.

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