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दुनिया

भारत-पाक वार्ता के बाद भी गतिरोध कायम

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच लंबे समय के बाद हुई पहली बातचीत में शांति प्रक्रिया की फिर से शुरुआत के बारे में कोई नई स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया गया है.

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एक संयुक्त पत्रकार सम्मेलन में भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा व पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पारस्परिक विश्वास की ख़ातिर वे संपर्क बनाए रखेंगे. कृष्णा का कहना था कि बैठक अच्छी व रचनात्मक थी. उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री कुरैशी को भारत यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया है. संवाद के ज़रिये आपसी समझदारी बढ़ाने में कामयाबी मिली है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी का कहना था कि दोनों पक्ष इस पर सहमत हैं कि संवाद की प्रक्रिया उपयोगी है और वे भविष्य में भी मिलते रहेंगे. लेकिन इस सिलसिले में उन्होंने किसी तारीख का ज़िक्र नहीं किया. साथ ही तनाव में कमी के लिए किसी ठोस क़दम की घोषणा भी नहीं की गई.

Indisch-pakistanische Gespräche

जरदारी से भी मिले कृष्णा

बातचीत योजना से कई घंटे देर तक चलती रही, जिसकी वजह से पत्रकार सम्मेलन भी नियोजित समय से काफ़ी देर से शुरु हुआ. दोनों मंत्री काफ़ी गंभीर व थके हुए नज़र आ रहे थे. राजनयिक सूत्रों के अनुसार बातचीत में अक्सर भारत की ओर से आतंकवाद व पाकिस्तान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाया गया.

पत्रकारों की ओर से बातचीत से पहले-पहले लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद के भारत विरोधी बयान का मुद्दा उठाया गया. पकिस्तानी विदेश मंत्री का कहना था कि दोनों पक्षों को ऐसे बयानों से बाज़ आना चाहिए, जिससे माहौल ज़हरीला हो. इस सिलसिले में उन्होंने बुधवार को भारतीय गृह सचिव पिल्लई द्वारा दिए गए वक्तव्य की ओर इशारा किया, जिसमें कहा गया था कि हेडली के बयानों से पता चला है कि मुंबई हमलों में आईएसआई की एक प्रमुख भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि दोनों मंत्रियों की राय है कि ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए. भारतीय विदेश मंत्री कृष्णा ने उनकी टिप्पणी का खंडन नहीं किया. हालांकि कृष्णा ने कहा कि पाकिस्तान ने मुंबई हमलों के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.

जम्मू कश्मीर में मानव अधिकारों के उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि वहां एक चुनी हुई सरकार है, और भारत में मानव अधिकारों के उल्लंघन के मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त संरचनाएं मौजूद हैं.

विदेश मंत्री कृष्णा पाकिस्तान के राष्ट्रपति ज़रदारी व प्रधान मंत्री यूसुफ़ गिलानी से भी मिले. आज शुक्रवार को वे स्वदेश वापस लौट रहे हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: ओ सिंह

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