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दुनिया

भारत-पाक में "जासूसी" ड्रोन पर तनातनी

एक ओर भारत ने पाकिस्तान को कश्मीर सीमा पर सीजफायर उल्लंघन का दोषी बताया तो दूसरी ओर उस पर जासूसी ड्रोन भेजने का आरोप लगा. एलओसी पर गोलीबारी के बाद अब सोशल मीडिया पर वाकयुद्ध जारी.

दोनों देशों ने अपने अपने देशों में तैनात पड़ोसी देश के उच्चायुक्तों को समन किया. भारत पर पाकिस्तान की सीमा में जासूसी ड्रोन भेजकर उसकी हवाई तस्वीरें उतारने का आरोप जड़ा गया है, जिसे भारतीय सेना ने सिरे से नकारा है. पाकिस्तान का कहना है कि उसने भारतीय ड्रोन को एलओसी के पास भीमबेर सेक्टर में गिराया है. भीमबेर सेक्टर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का हिस्सा है.

जासूसी ड्रोन गिराए जाने की घटना को दोनों देशों में प्रमुखता मिली है. सोशल मीडिया पर भी लोग इसके लिए दूसरे पक्ष को जिम्मेदार ठहराने में लगे हैं. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने क्रैश हुए ड्रोन की तस्वीरें साझा की हैं. कुछ विशेषज्ञ उसे हाल ही में पंजाब पुलिस द्वारा निगरानी के लिए खरीदे गए क्वाडरोकॉप्टर के समान बता रहे हैं. कुछ एक्सपर्ट्स ने इसकी पहचान चीन में बने डीजेआई फैंटम 3 के रूप में की है लेकिन यह साफ नहीं हुआ कि उसका इस्तेमाल कौन सा पक्ष कर रहा था.

भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच जैसे ट्विटर पर युद्ध छिड़ा है. एक तरफ भारत के लोग पाकिस्तान का मजाक उड़ाने में लगे हैं और कह रहे हैं कि पाकिस्तान ने अपना ही ड्रोन गिरा कर उसे भारत का नाम दे दिया है, तो दूसरी ओर पाकिस्तान के लोग अपनी सेना पर फक्र महसूस कर रहे हैं कि उसने "दुश्मनों" के जासूस ड्रोन को गिरा दिया है.

भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त से फोन पर सीमा पर सीजफायर उल्लंघन की कड़ी निंदा की. इस गोलीबारी के कारण शुक्रवार को जम्मू की यात्रा पर जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं थोड़ी बढ़ गई हैं. गुरुवार शाम इस मुद्दे पर भारतीय रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं जिसमें इस पर पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

आरआर/आईबी

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