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जर्मन चुनाव

भारत पाकिस्तान में परमाणु सूचनाओं की अदला बदली

भारत और पाकिस्तान ने नए साल के मौके पर अपने परमाणु संस्थानों की सूची की अदला बदली की है तो भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से उग्रपंथियों के एक दल की घुसपैठ की कोशिश को फल करने का दावा किया है.

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भारत और पाकिस्तान ने नए साल के मौके पर अपने परमाणु संस्थानों की सूची की जानकारी एक दूसरे को दे दी है तो भारतीय सेना ने जम्मू और कश्मीर के पूंच जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से उग्रपंथियों के एक दल की घुसपैठ की कोशिश को विफल करने का दावा किया है.

भारतीय सेना ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले में बालाकोट सेक्टर में कांगड़ा गली इलाके में नियंत्रण रेखा पर गश्त के दौरान जवानों ने रात साढ़े नौ बजे उग्रपंथियों की गतिविधियां देखी. सैनिक जवानों ने उग्रपंथियों को चुनौती दी और उन पर गोलियां चलाईं. सेना ने कहा है कि पाकिस्तानी पक्ष से भी गोलियां चलीं. दोनों ओर से एक घंटे तक गोलीबारी हुई.

बाद में सैनिकों ने एक पाकिस्तानी गाइड को पकड़ लिया जिसकी शिनाख्त पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के केराले गांव के 50 वर्षीय मोहम्मद सगीर के रूप में हुई है. सेना ने कहा है कि उग्रपंथी भाग गए. इलाके में व्यापक खोज अभियान चलाया जा रहा है और पाकिस्तानी गाइड से पूछताछ की जा रही है.

उधर भारत और पाकिस्तान ने राजनयिक चैनल के जरिए नई दिल्ली और इस्लामाबाद में लगातार 20 वीं बार अपने परमाणु संस्थानों की सूची एक दूसरे को दी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सूचियों की अदला बदली परमाणु संस्थानों पर हमले पर रोक की संधि के तहत की गई है.

31 दिसंबर 1988 में हस्ताक्षरित यह संधि 27 जनवरी 1991 से प्रभावी हुई थी. इसके तहत दोनों देश हर साल के पहले दिन अपने परमाणु संस्थानों के बारे में दूसरे को बताते हैं. इस संधि को दोनों देशों के बीच भरोसा बनाने का सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जाता है. पिछले सालों में पारस्परिक रिश्तों के बिगड़ने के बावजूद इस संधि को हमेशा पूरा किया गया है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ए जमाल

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