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दुनिया

भारत नहीं आएंगे लखवी के वकील

लश्कर ए तैएवा के कंमाडर जकी उर रहमान लखवी का मुकदमा लड़ रहे वकीलों ने भारत आने से इनकार कर दिया है. मुंबई हमलों की जांच के सिलसिले में प्रस्तावित आयोग मुख्य गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने भारत आने वाला है.

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मुंबई हमलों के आरोपी लखवी और अन्य छह के वकीलों ने सुरक्षा चिंता के कारण भारत आने से मना कर दिया है. लखवी के वकील ख्वाजा सुल्तान ने कहा, "सुरक्षा कारणों से हम भारत नहीं जाएंगे. वहां आम लोगों में कसाब के लिए गहरी नफरत है. हम भारत जाकर अपनी जान को खतरे में नहीं डालना चाहते क्योंकि हम आरोपी के वकील हैं."

वकीलों का दावा है कि भारत सरकार प्रस्तावित आयोग को आवश्यक सुरक्षा नहीं दे पाएगी. सुल्तान ने कहा, "ये बात हमने जज से भी कह दी है." पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के विशेष वकील चौधरी जुल्फीकार अली का कहना था कि बचाव पक्ष के वकीलों को आयोग का सदस्य होना चाहिए और भारत में सुरक्षा की कोई मुश्किल नहीं होगी. भारत सरकार हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.

Terror in Mumbai

मामला मुंबई हमलों का

एफआईए ने सात आरोपियों पर मुकदमा चला रही आतंक निरोधी अदालत में आवेदन किया है कि एक आयोग बना कर भारत भेजा जाए जो मुंबई हमलों के मुख्य गवाहों का बयान रिकॉर्ड करे. मजिस्ट्रेट, कसाब और पुलिस अधिकारी के भी बयान लिए जाएं.

अभियोक्ता का कहना है कि इस आयोग में बचाव पक्ष का भी वकील होना चाहिए ताकि बयानों की जांच पड़ताल हो सके.

लखवी और अन्य छह पर आरोप हैं कि उन्होंने मुंबई हमले का षडयंत्र रचा और हमले के लिए धन मुहैया करवाया. नवंबर 2008 में मुंबई हमलों में 166 लोग मारे गए थे.

रिपोर्टः पीटीआई आभा एम

संपादनः ओ सिंह

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