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दुनिया

भारत को विकास लक्ष्य पूरा करने का भरोसा

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने संयुक्त राष्ट्र शिखर भेंट से पहले भूखमरी और गरीबी के खिलाफ संघर्ष में और सक्रिय होने की अपील की है तो भारत ने कहा है वह 2015 तक अपने सामाजिक और आर्थिक लक्ष्यों को पूरा कर लेगा.

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कल शुरू हो रहे संयुक्त राष्ट्र गरीबी सम्मेलन से पहले एक वीडियो संदेश में जर्मन चांसलर ने कहा है कि यह अच्छी बात है कि पिछले साल भूखमरी का सामना करने वाले लोगों की संख्या में 10 करोड़ की कमी हुई है लेकिन फिर भी गरीबी के खिलाफ संघर्ष बहुत धीमा चल रहा है.

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गरीबी के खिलाफ संघर्ष बाकी है

जर्मन चांसलर आज न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भाग लेने के लिए रवाना हो रही हैं जहां वे सोमवार को सह्राब्दी विकास लक्ष्य सम्मेलन में भाग लेंगी. इस तीन दिवसीय सम्मेलन में विश्व भर के 125 राज्य व सरकार प्रमुख भाग लेंगे और दस साल पहले तय किए गए सहस्राब्दी लक्ष्यों को पूरा करने में हुई प्रगति का जायजा लेंगे. उस समय भूखमरी के शिकार लोगों की संख्या को 2015 तक आधा करने का लक्ष्य तय किया गया था.

उधर भारत ने शिखर भेंट से पहले उम्मीद जताई है कि वह 2015 तक अपने सामाजिक और आर्थिक लक्ष्यों को पूरा कर लेगा. भारत के संयुक्त राष्ट्र दूत हरदीप सिंह पुरी ने कहा है, "भारत न सिर्फ लक्ष्यों को पूरा कर लेगा बल्कि वह दूसरे देशों के लिए शानदार उदाहरण होगा." बच्चों और मां के स्वास्थ्य की चर्चा करते हुए पुरी ने कहा कि कुछ लक्ष्यों को लेकर चिंताएं हैं. बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रगति के बारे में रिपोर्ट देंगे.

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दुनिया में गरीब लोगों की तादाद अब भी बहुत ज्यादा

विश्लेषकों का कहना है कि ऊंची आर्थिक प्रगति के बावजूद भारत अपने लक्ष्यों को पूरा करने में पिछड़ रहा है. ग्लोबल फंड के कार्यकारी निदेशक मिशेल काजाचकीन का कहना है कि कई अफ्रीकी देशों के विपरीत जिन्होंने अपना स्वास्थ्य बजट बढ़ाकर जीडीपी का 15 फीसदी कर दिया है भारत स्वास्थ्य पर सिर्फ 3 फीसदी निवेश करता है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: एन रंजन

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