1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

भारत के भरोसे विमान की तलाश

मलेशिया के विमान की खोज का दायरा भारत के आस पास सिमट रहा है. भारतीय सेना ने अपने टोही विमानों को काम पर लगाया है, जबकि भारत से रडार डाटा भी मांगे गए हैं. लापता विमान को जबरन अंडमान की तरफ उड़ाए जाने की सूचना है.

जांच में जुड़े मलेशियाई अधिकारियों का दावा है कि सैनिक रडार ट्रैकिंग से पता लगा है कि हफ्ते भर पहले लापता हुए विमान को मलय प्रायद्वीप से होते हुए जबरदस्ती अंडमान द्वीपों की तरफ उड़ाया गया. मलेशिया की सेना के रडार पर एमएच 370 विमान आखिरी बार जब पाया गया, तो वह इसी रूट पर था. अब अमेरिकी और भारतीय मदद से हिन्द महासागर में खोज का दायरा बढ़ाया जा रहा है. लेकिन यह काम भूसे से सुई खोजने जैसा है.

हाइजैक हुआ विमान

सूत्रों के मुताबिक विमान उड़ाने में दक्ष व्यक्ति ने 239 मुसाफिरों से भरे विमान को नए रूट पर उड़ाया. हालांकि इसे मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर से चीन की राजधानी बीजिंग जाना था. मलेशियाई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, "हम समझ रहे हैं कि यह एक विध्वंसक कार्रवाई रही होगी और विमान का हाइजैक किया गया होगा."

मलेशिया की पुलिस ने पहले कहा था कि वह संभावनाएं तलाश रही हैं कि क्या किसी मुसाफिर की दिमागी हालत खराब रही थी, क्या मशीन ने काम करना बंद कर दिया था या किसी ने विमान का हाइजैक कर लिया. अब नई सूचनाओं के बाद अधिकारी हफ्ते भर बाद यह कहने की हालत में हैं कि बोइंग 777 के लापता होने के पीछे किसी की गलत मंशा ही रही होगी.

आधुनिक युग के विमानन के सबसे बड़े रहस्यों में एक मलेशियाई विमान पिछले शनिवार करीब डेढ़ बजे लापता हुआ, जिसके बाद सेना के रडार पर इसे सवा दो बजे पाया गया, जब यह अपने तय रास्ते से 320 किलोमीटर दूर चला गया था.

पड़ोसियों से मदद

मलेशिया की सरकार ने भारत, थाइलैंड और इंडोनेशिया से ताजा रडार आंकड़े मंगाए हैं ताकि खोज को विस्तृत किया जा सके. अंडमान द्वीपों पर भारत का नौसैनिक अड्डा है और वहां से कुछ सैनिक आंकड़े मिल सकते हैं.

भारतीय सेना ने इसके अलावा तीन खोजी नौकाएं और तीन विमान इस लापता विमान की खोज में लगा दिया है. अमेरिकी सेना दक्षिण चीन में स्थित अपनी टुकड़ी को खोज के काम के लिए हिन्द महासागर की ओर भेज रहा है. प्रशांत कमांड के मुताबिक अमेरिका का खोजी विमान पी 8ए पोसिडन भी इस काम में लगेगा. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कारनी ने गुरुवार को बताया कि जांचकर्ताओं को कुछ नई सूचनाएं मिली हैं और खोज में अमेरिका मदद कर रहा है.

हालांकि चीन ने खोज का दायरा दक्षिण चीन सागर में ही सीमित रखा है. पिछले छह दिनों से इस इलाके में हो रही खोज का कोई नतीजा नहीं निकल पाया है. चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक चीन के वैज्ञानिकों ने पिछले शनिवार को समुद्र के तल पर कुछ "हलचल" महसूस किया, जो विमान के तय रूट से 116 किलोमीटर दूर था.

एजेए/एमजे (डीपीए, रॉयटर्स)

संबंधित सामग्री