1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

भारत के बिना नहीं जुड़ सकती दुनिया: जकरबर्ग

फेसबुक संस्थापक मार्क जकरबर्ग दिल्ली में आईआईटी के छात्रों से रूबरू हुए और एक बार फिर पूरे भारत को इंटरनेट से जोड़ने पर जोर दिया. नेट न्यूट्रैलिटी पर भी बोले और कैंडी क्रश पर भी.

आईआईटी के टाउनहॉल में आधे घंटे तक चले सवाल जवाब के लिए मार्क जकरबर्ग ने पहले ही अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सवाल मंगाए थे. यही फॉर्मेट उन्होंने तब भी अपनाया था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में उनके साथ मुलाकात की थी और लोगों के सवालों के जवाब दिए थे.

करीब आधे घंटे तक चले सवाल जवाब में नेट न्यूट्रैलिटी का मुद्दा अहम रहा. जकरबर्ग ने कहा, "नेट न्यूट्रैलिटी एक अहम सिद्धांत है और हम इसके समर्थन में बहुत कुछ कर भी रहे हैं." जहां एक तरफ मोदी अमेरकिा जाकर डिजिटल इंडिया के नारा दे कर आए, वहीं इसी साल जुलाई में भारत सरकार द्वारा बनाए गए एक दल ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि इंटरनेट डॉट ऑर्ग जैसे एप्लीकेशन को भारत में अनुमति नहीं मिलनी चाहिए. फिलहाल यह 24 देशों में सक्रिय है.

जकरबर्ग ने कहा कि वे जानते हैं कि "भारत में ऐसी बहुत सी कहानियां फैली हुई हैं" कि इंटरनेट डॉट ऑर्ग के जरिए फेसबुक भारतीय बाजार में इंटरनेट पर पूरी तरह अपनी पकड़ बनाना चाहता है और "लोगों के पास इंटरनेट तक पहुंचने का दूसरा कोई भी जरिया नहीं छोड़ना चाहता." उन्होंने कहा कि इन सब "कहानियों" में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में नेट न्यूट्रैलिटी पर साफ साफ कानून हैं, "वह एक ऐसा देश है जहां अधिकतर लोगों के पास इंटरनेट है. भारत की तरह नहीं, जहां एक अरब लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है."

यह जकरबर्ग की दूसरी भारत यात्रा है. देश के बेहतरीन छात्रों के सामने उन्होंने भारत को "कनेक्ट" करने पर जोर दिया, "भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. जब आपके सामने पूरी दुनिया को इंटरनेट से जोड़ने का लक्षय हो, तो आप भारत के बिना उसे पूरा नहीं कर सकते."

टाउनहॉल में बातचीत के दौरान जकरबर्ग ने कई अहम मुद्दों पर बात की. लेकिन फेसबुक की गेम कैंडी क्रश का जब जिक्र आया, तो हल्की हक्ली मुस्कराहट के साथ सबने इस सवाल का स्वागत किया. फेसबुक इस्तेमाल करने वाले कैंडी क्रश गेम के आमंत्रणों की समस्या को जानते हैं. जो लोग यह गेम नहीं खेलते, उन्हें दिन भर अपने "फ्रेंड्स" से इसके "इन्वाइट" आते रहते हैं, जो कि बहुतों के लिए काफी उबाऊ हो जाता है. जकरबर्ग ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि वे फेसबुक की सेटिंग्स में इस तरह के बदलाव लाएंगे जिससे लोगों को असुविधा न हो.

छात्रों के साथ चर्चा में शामिल होने से पहले जकरबर्ग ने दिल्ली के इंडिया गेट की अपनी तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा, "आज सुबह मैं इंटरनेट डॉट ऑर्ग के क्रिस डेनियल्स, आइम आर्चीबॉन्ग और फेसबुक टीम के कुछ सदस्यों के साथ इंडिया गेट के पास रनिंग करने गया था. फिर से दिल्ली आ कर अच्छा लग रहा है. मुझे टाउनहॉल के Q&A का इंतजार है."

एक दिन पहले जकरबर्ग आगरा भी घूम कर आए. उन्होंने ताज महल के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं हमेशा से इसे देखना चाहता था. मैंने जितना सोचा था, यह उससे भी ज्यादा हैरान करने वाला है. कमाल है, लोग क्या क्या बना सकते हैं और प्यार आपको क्या क्या बनाने के लिए प्रेरित कर सकता है."

जकरबर्ग की टाउनहॉल चर्चा ने तो सुर्खियां बटोरी ही हैं, साथ ही इस बात पर भी खूब चर्चा हो रही है कि वे कचौड़ी खाने के लिए अपनी गाड़ी से बाहर आए. रिपोर्टों के अनुसार आगरा से दिल्ली आते समय जब वे ट्रैफिक जाम में फंसे, तो उन्होंने बाहर निकल कर स्थानीय जायके का मजा लेने का फैसला किया. भारत की वीआईपी संस्कृति में किसी जानीमानी हस्ती का आम नागरिक जैसा व्यवहार हमेशा ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है.

अमेरिका के बाद फेसबुक का सबसे बड़ा यूजर बेस भारत में ही है. 13 करोड़ भारतीय फेसबुक से जुड़े हुए हैं.

DW.COM

संबंधित सामग्री