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दुनिया

भारत का नंबर 1 पार्टनर बनना चाहता है ब्रिटेन

भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के ब्रिटेन दौरे के पहले दिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने दोनों देशों की कंपनियों के बीच 13.7 अरब डॉलर की डील की घोषणा की. शुक्रवार को मोदी वेंबली स्टेडियम में भारतीयों को संबोधित करेंगे.

गुरुवार शाम एक प्रेस कांफ्रेंस में पीएम कैमरन ने कहा कि वे भारत में ढांचागत सुधारों और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के भारतीय पीएम मोदी के सपने को साकार करने में उनकी मदद करना चाहते हैं. कैमरन ने मोदी से कहा, "हम आपके नंबर एक पार्टनर बनना चाहते हैं...इस यात्रा के दौरान ही दोनों देशों की कंपनियों के बीच 9 अरब पाउंड की डील साइन होनी है." दोनों नेताओं ने कहा है कि भारत और ब्रिटेन वित्त, रक्षा, परमाणु ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग करेंगे.

ब्रिटेन की तीन दिवसीय यात्रा पर लंदन पहुंचे नरेंद्र मोदी का कैमरन ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया. भारतीय प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के भारत के रिश्तों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. मोदी देर शाम ब्रिटिश संसद के दोनों सदनों को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे. शुक्रवार को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से मुलाकात के बाद मोदी लंदन के सबसे बड़े वेंबली स्टेडियम में भारतीय मूल के करीब 60,000 लोगों से रूबरू होंगे.

65 वर्षीय मोदी दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के प्रमुख हैं. सालाना 7.4 की दर के साथ भारत जी20 के देशों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी है. वहीं ब्रिटेन दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार में अभी काफी बढ़ोत्तरी की उम्मीद जताई जा रही है.

2010 में कैमरन ने ब्रिटेन के भारत के साथ कारोबार को इस साल यानि 2015 तक दोगुना करने का वादा किया था. इस दौरान कैमरन ने तीन बार भारत का दौरा भी किया लेकिन इसका कारोबार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. इस दौरान भारत ने जापान और जर्मनी जैसे देशों के साथ अपने कारोबारी रिश्ते ज्यादा बढ़ाए. भारत हमेशा ब्रिटेन से अपने नागरिकों के लिए अधिक से अधिक वीजा चाहता है जो कि पहले ही अत्यधिक आप्रवासन की परेशानी से जूझ रहे ब्रिटेन के लिए काफी कठिन मुद्दा रहा है. आईटी सर्विसेज के मामले में भारतीय कंपनियों के लिए पूरे यूरोप में यूके ही सबसे बड़ा बाजार है.

आरआर/एमजे (रॉयटर्स,एएफपी)

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