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जर्मन चुनाव

भारत करेगा अमेरिका से एंडरसन के प्रत्यर्पण की मांग

भोपाल गैस त्रासदी पर गठित मंत्री समूह अमेरिका से वॉरन एंडरसन के प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास के इलाके को जहरीले कचरे से साफ करने का फैसला किया है. कल सौंपी जाएगी रिपोर्ट.

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आधिकारिक सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया है कि नई याचिका में आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी तय करने और उनके खिलाफ कड़े आरोप लगाने के नए सिरे से प्रयास किए जाएंगे. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या के मामले में मुकदमा न चलाकर लापरवाही बरतने के आरोप में मुकदमा चलाया गया. इस वजह से आठ आरोपियों को सिर्फ दो दो साल की सजा हुई जिससे लोगों में रोष है.

भोपाल कांड पर मंत्री समूह (जीओएम) का नेतृत्व गृह मंत्री पी चिदंबरम कर रहे हैं और मंत्री समूह की लगातार तीसरे दिन रविवार को बैठक हुई. जीओएम ने फैसला किया गया है कि अमेरिका से वॉरन एंडरसन के प्रत्यर्पण की फिर मांग की जाएगी ताकि भोपाल मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके. दो दिसम्बर 1984 की रात हुए यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में गैस लीक से 15,000 लोगों की मौत हो गई जबकि हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ा.

Flash-Galerie Giftgaskatastrophe Bhopal

माना जा रहा है कि जीओएम अपनी रिपोर्ट में दूषित खाद को फैक्ट्री साइट पर ही वैज्ञानिक तरीके से दबाए जाने की सिफारिश करेगी. यह मध्य प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी होगी और इसके लिए राज्य सरकार को केंद्र से वित्तीय और तकनीकी सहायता मुहैया कराई जाएगी. चिदम्बरम ने बताया है कि जीओएम ने सभी तय मुद्दों पर चर्चा की है और इस संबंध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सोमवार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी.

बैठक के बारे में जानकारी देते हुए चिदंबरम ने कहा, "बैठक में तय की गई बातों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जीओएम सोमवार को फिर मिलेगा, अपने निष्कर्षों और सिफारिशों पर आखिरी बार चर्चा करेगा. मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कल दोपहर तक रिपोर्ट सौंप दी जाएगी."

चिदंबरम के मुताबिक जीओएम के चौथे और आखिरी सत्र में पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के साथ कुछ अन्य बातों पर चर्चा हुई. "दूषित पानी, दूषित खाद, जहरीले कचरे, जंग लगे प्लांट, स्टील से कैसे निपटा जाए, इन्हीं बातों पर चर्चा की गई है." सूत्रों के अनुसार जीओएम ने गैस पीड़ितों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की क्योंकि अब तक राहत को पर्याप्त नहीं समझा गया है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एस गौड़

संपादनः ए जमाल

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