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दुनिया

भारत ईयू शिखर में आतंकवाद पर चर्चा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को जब ब्रसेल्स में एक दिन के दौरे पर यूरोपीय नेताओं से मिलेंगे तो उनके एजेंडे पर मुक्त व्यापार संधि, आतंकवाद और आपसी सहयोग के दूसरे मुद्दे होंगे.

ऑडियो सुनें 05:13

प्रो. राजेंद्र के. जैन से भारत-ईयू संबंधों पर बातचीत

ब्रसेल्स पर एक हफ्ते पहले हुए आतंकी हमले ने भारतीय प्रधानमंत्री के दौरे पर साया तो डाला है लेकिन आतंकवाद पर दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका भी दिया है. यूरोपीय संघ के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा चिंताओं के बीच शिखर भेंट के लिए ब्रसेल्स आने का मोदी का फैसला स्वागत योग्य संकेत है.

शिखर सम्मेलन की मेजबानी यूरोपीय संघ के अध्यक्ष डोनाल्ड टुस्क और यूरोपीय आयोग के प्रमुख जाँ क्लेद युंकर कर रहे हैं. ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ब्रसेल्स का पहला दौरा है लेकिन पिछले नवंबर में अनाताल्या में हुए जी-20 सम्मेलन के दौरान वे दोनों नेताओं से मिल चुके हैं.

सम्मेलन में ईयू की विदेश मामलों की प्रतिनिधि इटली की फ्रेडेरिका मोगेरिनी और व्यापार कमिसार सेसिलिया माल्मस्ट्रोम भी भाग लेंगी. यूरोपीय अधिकारियों को यह पता है कि मोदी सरकार की विदेश नीति में यूरोपीय संघ का महत्वपूर्ण स्थान नहीं है, लेकिन उन्हें इस बात का संतोष है कि उसके ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे सदस्य देशों के साथ गहरे संबंध हैं.

EU - Indien Gipfel in New Delhi

नई दिल्ली में अंतिम शिखर सम्मेलन

पारस्परिक मतभेदों के कारण भारत और यूरोपीय संघ के बीच शिखर भेंट की सालाना होने वाली प्रक्रिया चार सालों से रुकी हुई थी. अब ब्रसेल्स पर आतंकी हमले के बाद आतंकवाद विरोधी कदमों पर चर्चा भेंट के केंद्र में आ गयी है. भारत कई सालों से आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग करता रहा है लेकिन ब्रसेल्स हमले के बाद यह केंद्रीय मंच पर आ गया है. हालंकि यूरोपीय अधिकारियों का कहना है कि यह हमेशा से मेज पर था. इस हमले में एक भारतीय प्रोफेशनल की मौत ने दोनों पक्षों को एक दूसरे के साथ संवेदना व्यक्त करने और इस तरह के हमलों को रोकने की पहल करने का मौका दिया है.

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी अपनी हर विदेश यात्रा पर मेक इन इंडिया अभियान पर जोर देते हैं. ब्रसेल्स में व्यापार और निवेश पर भी चर्चा होगी. यूरोपीय अधिकारियों को उम्मीद है कि भेंट से मुक्त व्यापार संधि की रुकी हुई वार्ता पर गतिरोध दूर किया जा सकेगा और बातचीत को फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी. खुद प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है कि बेल्जियम के साथ मजबूत आर्थिक और निवेश संबंध ब्रसेल्स दौरे पर एजेंडे पर होगा.

यूरोपीय अधिकारी भारतीय पक्ष के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें भारत ईयू सहयोग की रूपरेखा तय होगी. एक्शन 2020 में सामरिक सहयोग के अलावा जल, ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया जाएगा.

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