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दुनिया

"भारत, अमेरिका को दोष देना छोड़ो, खुद को संभालो"

पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए भारत औऱ अमेरिका पर आरोप लगाने की बजाय जिम्मेदारी अपने ऊपर लेनी चाहिए. यह कहना है पाकिस्तान की एक प्रतिष्ठित फिल्मकार ओबैद शेनॉय का, जिन्हें एम्मी अवॉर्ड भी मिल चुका है.

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शर्मीन ओबैद शेनॉय ने एक अभियान शुरु किया है जिसका मकसद है लोगों को अपने देश की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार करना. फिल्म पाकिस्तान्स तालिबान जेनरेशन के लिए शर्मीन को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय एम्मी अवॉर्ड भी मिल चुका है. शर्मीन का कहना है, "हम सरकार पर आरोप लगा सकते हैं, न्यायपालिका को दोषी ठहरा सकते हैं, हम पुलिस पर आरोप लगा सकते हैं, यहां तक कि अमेरिका, अफगानिस्तान, भारत और इस्राएल पर भी आरोप लगा सकते हैं लेकिन इससे कुछ भी बदलने नहीं जा रहा. अपने देश की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर ही हम अपना भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं."

शेनॉय ने पाकिस्तान के नागरिकों के नाम एक नोट लिखा है जिसका शीर्षक है, "डू यू वॉन्ट ए बेटर पाकिस्तान" यानी क्या आप एक बेहतर पाकिस्तान चाहते हैं. शेनॉय मानती हैं कि यह वक्त एक अभियान चलाने का है जिससे लोगों को बताया जाए कि जंग का देश पर क्या असर हो रहा है. शेनॉय का अभियान लोगों को बताता है कि आतंकवाद ने किस तरह से परिवारों, दोस्तों और पूरे समुदाय को नुकसान पहुंचाया है. वह चाहती हैं कि हर तरफ से

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लोग सामने आएं और अपने समुदाय में आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए आगे बढ़ें. शेनॉय पाकिस्तान के लोगों को उनकी अंतरात्मा की आवाज सुनने और संदिग्ध गतिविधियों की पुलिस को खबर देने की गुहार कर रही हैं जिससे आतंकवाद पर लगाम लग सके.

शेनॉय ने लिखा है, "केवल एक छोटी सी जानकारी आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए पर्याप्त है और इस तरह से लोगों की जान बचाई जा सकती है. यह कैसे हो जाता है कि कोई शख्स खैबर पख्तूनख्वा से ट्रकों में भर कर विस्फोटक खरीदता है और फिर उसे पूरे देश से होकर गुजरता हुआ कराची तक लेकर चला जाता है और फिर किसी इमारत को उड़ा देता है."

आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए शेनॉय तीन तरह के अभियान चला रही हैं. पहला अभियान विज्ञापन के जरिए चल रहा है. इसके लिए शेनॉय को डिजयानर, फोटोग्राफर, कलाकार, संगीतकार और क्रिएटिव लोगों की जरूरत है जो पोस्टर और रेडियो व टीवी के लिए विज्ञापन बना सकें. दूसरा अभियान ऑनलाइन होगा जिसके जरिए लोग संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भेज सकेंगे. इसके अलावा तीसरा रास्ता है वीडियो का जिसकी मदद से आतंवाद से प्रभावित लोगों की आपबीती और उनके बयान सीधे दुनिया के सामने लाए जा सकेंगे.

शेनॉय के मुताबिक वीडियो सेक्शन लोगों को यह भी बताएगा कि किस तरह से आतंकवादियों की भर्ती की जाती है और किस तरह उनका ब्रेनवॉश करके उन्हें मानवबम बनने पर मजबूर किया जाता है. इस तरह के वीडियो को देश भर में स्कूल, कॉलेजों और दूसरी जगहों पर दिखाया जाएगा. पाकिस्तान में 2003 से अब तक आतंकवाद की चपेट में आकर 31,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. लाखों लोगों को बेघर होना पड़ा है.

शेनॉय को उम्मीद है कि उनकी यह पहल रंग लाएगी और लोग अपनी जिम्मेदारी समझेंगे. शेनॉय ने दो साल पहले ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट नाम के एक अभियान के जरिए भारत और पाकिस्तान के बंटवारे का दंश झेल चुके लोगों की आपबीती सुनाई थी.

रिपोर्टः एजेंसिया/एन रंजन

संपादनः ए कुमार

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