भारतीय विदेश नीति की शुरुआत पाकिस्तान से | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 27.05.2014
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जर्मन चुनाव

भारतीय विदेश नीति की शुरुआत पाकिस्तान से

शांति का वादा करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. मंगलवार को दोनों नेताओं के बीच रिश्तों को लेकर औपचारिक बातचीत हो रही है.

ऐसा पहली बार है कि पाकिस्तान और दक्षिण एशियाई देशों की सरकारों के प्रमुख भारतीय प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आने वाले दिनों में भारत के साथ रिश्तों के प्रति सकारात्मक रवैया दिखाया है. एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं मोदी से मिलने को उत्सुक हूं. हमें एक दूसरे को लेकर डर, अविश्वास और शक को दूर करना होगा. दोनों देशों को चाहिए कि वे इस क्षेत्र में दशकों से चले आ रहे अस्थिरता और असुरक्षा के माहौल को खत्म करें."

विश्लेषकों का मानना है कि नवाज शरीफ की उपस्थिति दोनों देशों के आपसी संबंधों में तनाव के कम होने का संकेत है. शरीफ के मुताबिक उनकी यात्रा से दोनों देशों को एक दूसरे के करीब आने का मौका मिलेगा. उनका कहना है कि दोनों देशों की सरकारों के पास लोगों का बहुमत है और इससे रिश्तों में नयापन लाया जा सकेगा. वहीं, शपथ ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2008 मुंबई हमलों को लेकर पाकिस्तान से तेज कार्रवाई की मांग की और कहा कि पाकिस्तान से भारत को निशाना बनाने वाले आतंकवादी हमलों पर रोक लगाई जाए. बातचीत में कश्मीर भी मुद्दा बना रहेगा.

मुंबई में गेटवे हाउस थिंक टैंक में काम करने वाली पूर्व राजनयिक नीलम देव कहती हैं कि मंगलवार को बातचीत से रिश्तों की सकारात्मक शुरुआत की जा सकेगी, "प्रधानमंत्री मोदी भारत की चिंताओं को पेश कर सकेंगे, खास तौर से सीमा सुरक्षा और आंतकवाद के मामलों पर." जिंदल स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स के श्रीराम चौलिया कहते है कि नवाज शरीफ को न्योता देना चौंकाने वाली बात है क्योंकि मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने चुनावी अभियान में भी कड़ा रुख पेश किया है. लेकिन अब मोदी "एक रचनात्मक और अलग सी विदेश नीति बना सकते हैं. वह एक राजनीतिज्ञ हैं जो पहला कदम उठाते हैं और अपनी शर्तों पर काम करते हैं." चौलिया कहते हैं कि आने वाले वक्त में भारत की विदेश नीति लंबे वक्त के लिए बनाई जाएगी. अब तक भारत प्रतिक्रियावादी रहा है और विदेश नीति वक्त वक्त में बदलने वाली रही है.

पाकिस्तान में भी शुरुआती आशंका के बाद मोदी को लेकर सोच बदलती दिख रही है. कराची में व्यापारी अमीन हाशवानी कहते हैं कि अगर पाकिस्तान भारत को व्यापार में सबसे ज्यादा वरीयता वाला दर्जा देता है तो इससे भारत में भी पाकिस्तानी सामान के खिलाफ रोक खत्म होगी और दोनों देशों को फायदा होगा. वहीं, पाकिस्तान के नियंत्रण वाले आजाद कश्मीर के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार अत्तीक अहमद खान का कहना है, "मोदी ने चुनाव जीतने के बाद रक्षा बजट में बढ़ोतरी का एलान किया है जो पूरे इलाके के लिए भयानक संकेत है."

1947 में आजादी के बाद नवाज शरीफ पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री हैं जो भारत में एक सरकारी प्रमुख के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो रहे हैं. इस बीच नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार बनने से उत्साहित मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में सूचकांक 25,000 की सीमा पार कर गया.

एमजी/एमजे(एपी, डीपीए)

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