1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

भारतीय ग्रां प्री ट्रैक की तारीफ में बॉस

फॉर्मुला वन के बॉस बर्नी एक्लेस्टोन को पूरा विश्वास है कि भारत में अगले साल होने वाली ग्रां प्री पूरी तरह से सफल रहेगी. एक्लेस्टोन भारत में इसके लिए हो रही तैयारियों से पूरी तरह संतुष्ट हैं.

default

एक्लेस्टोन ने कहा, "जितनी तारीफ की जाए वह कम है. सब कुछ उससे कहीं अच्छा चल रहा है जितना मैंने सोचा था. ट्रैक कई दूसरे ट्रैक्स की तुलना में बहुत अच्छा है."

एक्लेस्टोन ने बुधवार को नई दिल्ली के पास नोयडा में बन रहे 5.14 किलोमीटर ट्रैक देखा. पिछले महीने ही वर्ल्ड मोटर स्पोर्ट काउंसिल ने औपचारिक तौर पर स्वीकृति दी थी कि 2011 से भारत में फॉर्मूला वन रेस आयोजित की जाएगी. हालांकि उसे अभी नए ट्रैक को हरी झंडी देनी है. इस ट्रैक का डिजाइन जर्मनी के आर्किटेक्ट हैरमान टिल्के ने बनाया है.

एक्लेस्टोन मानते हैं कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और वह फार्मूला वन के कैलेंडर पर आने के योग्य है. वह कहते हैं, "मैंने भारत के बारे में सुना था. मैंने सोचा कि यही वह जगह है जहां हमें होना चाहिए. हमें पहले ही यहां आ जाना चाहिए था. मुझे पूरी उम्मीद है कि भारत में फार्मूला वन पसंद की जाएगी. हम भारत को दुनिया भर में दिखाएंगे. भारत को इस इवेंट से जो चाहिए, वह मिलेगा."

Formel 1 - GP Japan - Lewis Hamilton Flash-Galerie

एक्लेस्टोन ने 30 अक्तूबर 2011 को होने वाली रेस के बारे में चिंताओं को खारिज किया. उन्होंने कहा, "कॉमनवेल्थ खेलों के बारे में शंका मूर्खतापूर्ण मीडिया रिपोर्टिंग के कारण हुई थी. मैं इसलिए यहां हूं कि मैंने उद्धाटन समारोह टीवी पर देखा जो ओलंपिक और फुटबॉल वर्ल्ड कप से कहीं अच्छा था."

एक्लेस्टोन की तारीफ की एक वजह यह भी है कि जहां कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के सरकारी ढांचे में फंसे हुए थे वहीं रेस का यह सर्किट निजी कंपनी रियर एस्टेट जेपी ग्रुप बना रहा है. यह भारत में ढाई हजार एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है. इसमें एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी होगा.

भारत में फॉर्मूला वन को पसंद करने वाले बहुत लोग हैं. इस खेल को और पसंद तब किया जाने लगा, जब 2005 में भारत के नरेन कार्तिकेयन ने जॉर्डन रेस में हिस्सा लिया और इस साल करूण चंडोक हिस्पानिया में शामिल हुए.

रिपोर्टः एएफपी/आभा एम

संपादनः ए कुमार