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खेल

भारतीय कंपनी ने खरीदा ब्लैकबर्न रोवर्स

मुर्गे का गोश्त बेचने वाली कंपनी वेंकीज इंग्लैंड के एक प्रीमियर लीग क्लब को खरीदने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी. वेंकीज ने ब्लैकबर्न रोवर्स को तीन करोड़ 86 लाख डॉलर यानी लगभग 1.7 अरब रुपयों में खरीदा.

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ब्रिटेन में वेंकीज की शाखा वेंकीज लंदन लिमिटेड ने रोवर्स में 99.9 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर ली है. क्लब ने एक बयान में कहा कि बीआरएफसी इन्वेस्टमेंट्स ने रोवर्स क्लब में अपना 99.9 प्रतिशत हिस्सा वेंकीज को बेच दिया है, जिसके मालिक भारत का राव परिवार है. बीआरएफसी इन्वेस्टमेंट्स जैक वॉकर सेटलमेंट्स का हिस्सा है.

जैक वॉकर के प्रमुख पॉल एगरटन वरनन ने खुशी जताई कि राव परिवार रोवर्स की जिम्मेदारी ले रहा है. उन्होंने कहा, "हम क्लब के प्रति उनके उत्साह से प्रभावित हैं और भविष्य में विकास और निवेश को लेकर उनकी योजनाओं से भी, जिससे वे जैक वटकर की धरोहर को कायम रखना चाहते हैं. हम खुश हैं कि क्लब परिवारिक स्वामित्व में रहेगा और रोवर्स टीम का मैनेजमेंट भी बदला नहीं जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जॉन विल्यिम्स ले रहे हैं."

वेंकीज की प्रमुख अनुराधा देसाई ने कहा कि उनकी कंपनी आश्वस्त रूप से ब्लैकबर्न रोवर्स को ईपीएल की सबसे अच्छी टीम बनाए रखेगी. वेंकीज के संयुक्त निर्देशक वेंकटेश्वर राव ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक क्लब के साथ काम करने में गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह एक दीर्घकालिक वित्तीय ढांचा बनाना चाहते हैं जिससे क्लब अपनी प्रतिभा को पूरी तरह विकसित कर सकेगा.

ब्लैकबर्न इस वक्त ईपीएल में 14वें स्थान पर है. क्लब ने अब तक साफ नहीं किया है कि उसका 1.5 अरब रुपयों का उधार कैसे चुकाया जाना है. वेंकीज ने पहले अनुमान लगाया था कि रोवर्स के लिए उन्हें तीन अरब रुपयों तक की राशि देनी होगी. अब तक यह साफ नहीं है कि वेंकीज रोवर्स का उधार चुकाएगा या नहीं.

रिपोर्टः पीटीआई/एमजी

संपादनः ए कुमार

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