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मनोरंजन

भारतीय आप्रवासी सबसे ज्यादा

पहली बार ऐसा हुआ है कि ऑस्ट्रेलिया जाने वाले भारतीय आप्रवासियों की संख्या सबसे ज्यादा हो गई हो. सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक यह संख्या चीन से भी ज्यादा है.

भारत से ऑस्ट्रेलिया पहुंचे लोगों की संख्या 2011-12 में 29,018 थी जो एक साल पहले की तुलना में 12 फीसदी से भी ज्यादा है. चीन दूसरे नंबर है. पिछले साल ब्रिटिश आप्रवासियों की संख्या भी 23,931 से बढ़ कर 25,273 हो गई. फिलीपीन्स और दक्षिण अफ्रीका से आने वाले लोगों की संख्या भी इसी अनुपात में बढ़ी है.

रिपोर्ट में दिखाई देता है कि पिछले 15 साल में ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुए भारतीय निवासियों की संख्या चार गुना बढ़ी है जबकि चीन की तीन गुना.

विदेशी मूल के निवासियों के मामले में ब्रिटेन सबसे पहले है. दो करोड़ तीस लाख वाली जनसंख्या में से 11 लाख 80 हजार लोग ब्रिटिश मूल के हैं. ऑस्ट्रेलिया में किस देश के या किस मूल के सबसे ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं इस बारे में किए गए सर्वे से पता चला है कि यहां एशियाई देशों के लोगों की भरमार है. टॉप 10 में से सात एशियाई देश हैं. आप्रवासन मंत्री ब्रेंडन ओ कोनोर ने बताया, "1996 से 2011 के बीच ऑस्ट्रेलिया में विदेशी मूल के लोगों की संख्या 40 फीसदी बढ़ी और 60 लाख तक पहुंच गई. यह ऑस्ट्रेलिया में जन्मे विदेशी मूल के लोगों की संख्या से दुगनी है. ऑस्ट्रेलिया बुढ़ाती जनसंख्या संबंधी मुश्किलों के लिए यह अच्छा है. सरकार ने कुशल कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं."

एएम (एएफपी)

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