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खेल

भज्जी न खेलें तो मजा आ जाएः क्लार्क

भारत के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हरभजन सिंह को पिच से बाहर बैठे हुए देखना चाहते हैं. उप कप्तान माइकल क्लार्क के मुताबिक वह भज्जी की बहुत इज्जत करते हैं लेकिन उनका न खेलना फायदे का सौदा रहेगा.

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क्लार्क को भज्जी से खतरा

भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट मैच मोहाली में एक अक्तूबर से खेला जाना है और उससे पहले आशंका गहरा रही है कि चोट के चलते हरभजन सिंह टीम से बाहर रहेंगे. माइकल क्लार्क भी मन ही मन मना रहे हैं कि हरभजन पहले टेस्ट में न खेलें. लेकिन वह स्वीकार भी करते हैं कि हरभजन का खेलना पक्का ही है इसलिए वह उनसे निपटने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.

Indias Harbhajan Singh

भज्जी का आतंक

"मुझे पूरी उम्मीद है कि हरभजन सिंह खेलेंगे. मैं जानता हूं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना उन्हें कितना पसंद है. लेकिन अगर वह नहीं खेलते हैं तो ऑस्ट्रेलिया को इससे काफी फायदा होगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हें काफी सफलता मिलती है."

हरभजन सिंह और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बीच कई बार मैदान पर झड़प हो चुकी है. क्लार्क कहते हैं कि कुछ खिलाड़ियों को झड़प अच्छी लगती है. "कुछ खिलाड़ी टकराना पसंद करते हैं और इसके चलते अच्छा प्रदर्शन भी कर पाते हैं. लेकिन इन बातों पर हम ध्यान नहीं देना चाहते. हम हरभजन पर नजर रखेंगे लेकिन सिर्फ एक गेंदबाज के रूप में. हर टीम में ऐसे खिलाड़ी होते ही हैं जो झड़प कर बैठते हैं और फिर अच्छा खेलते हैं. मेरी राय में, हरभजन दुनिया के बेहतरीन स्पिनरों में एक हैं. उनका सामना करना हमेशा मुश्किल होता है."

वैसे क्लार्क मानते हैं कि भारतीय पेस बैटरी में ईशांत शर्मा और जहीर खान जैसे हथियार भी हैं जो गेंद को अच्छी तरह स्विंग करा सकते हैं. इसलिए मुश्किल तो पेश वे भी करेंगे. क्लार्क से जब पूछा गया कि क्रिकेटरों को इन दिनों काफी खेलना पड़ता है तो उनका जवाब था कि यह तो खिलाड़ी को ही तय करना है. "मुझे लगता है कि आप खुद चुन सकते हैं कि आपको आईपीएल या चैंपियंस लीग ट्वेंटी20 में खेलना है या फिर नहीं."

क्लार्क के मुताबिक खिलाड़ियों को अपनी प्राथमिकता खुद तय करनी चाहिए. "ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलना मेरी प्राथमिकता है. अगर आपको लगता है कि आपको आराम की जरूरत है तो आईपीएल और चैंपियंस लीग ट्वेंटी20 में कम खेलना चाहिए. ज्यादा क्रिकेट खेलने के फायदे भी हैं. आपको दूसरी संस्कृतियों को समझने का मौका भी मिलता है और आप दुनिया के दूसरे हिस्सों में घूम पाते हैं."

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए जमाल

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