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ब्लैक बॉक्स का गहराता रहस्य

मैंगलोर विमान हादसे के बाद वॉयस रिकॉर्डर भले ही मिल गया हो लेकिन नारंगी रंग के ब्लैक बॉक्स की तलाश अब भी जारी है. दुर्घटना में मारे गए 22 लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाई है और उनके रिश्तेदारों में बेचैनी बढ़ती जा रही है.

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मैंगलोर में एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान हादसे के तीन दिन बाद आज अमेरिका से टीमें आ रही हैं, जो जांच में मदद करेंगी. एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ़्लाइट IX-812 क्रैश कैसे हुई, यह सवाल अब भी जांचकर्ताओं को परेशान कर रहा है. विमान का ब्लैक बॉक्स न मिलने की वजह से जांच की अहम कड़ियां नहीं जुड़ पा रही है. हादसे वाली जगह के आस पास का इलाका छान लिया गया है.

सोमवार को डॉयरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन के निदेशक एसएनए जैदी ने कहा, ''हमें अभी तक डिजीटल फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर नहीं मिला है. हम अब प्रशासनिक अधिकारियों से तलाशी अभियान को लेकर बैठक करने वाले हैं.''

जांचकर्ताओं को अब तक फ़्लाइट IX-812 का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) मिला है. यह भी ब्लैक बॉक्स की तरह ही दिखता है. इसमें पायलटों की आपसी बातचीत का ब्यौरा दर्ज होता है. एयर इंडिया के सूत्रों के मुताबिक सोमवार को इसे चला कर सुना गया और प्रारंभिक तौर पर यह जानने की कोशिश की गई कि हादसे के ठीक पहले किस तरह की बातचीत की गई थी. जांच के लिए इन उपकरणों को दिल्ली ले जाया जाएगा.

Flugzeugabsturz in Indien Flash-Galerie

तलाश डिजिटल फ्लाइल डाटा रिकॉर्डर की है, जिसमें विमान की गति, ऊंचाई और उड़ान के पूरे तकनीकी ब्यौरे की जानकारी होती है. नारंगी रंग के इस उपकरण को ही ब्लैक बॉक्स कहते हैं और यह आम तौर पर विमान के पूंछ में रहता है. इस बीच पुलिस अब आस पास के गांव वालों से पूछताछ करने जा रही है. आशंका जताई जा रही है कि हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौक़े पर पहुंचे. हो सकता है कि उनमें से किसी ने ब्लैक बॉक्स देखा हो या उसे हटा दिया हो.

उधर अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड, फेडरल एडमिनिस्ट्रेशन और बोइंग कंपनी के जांच अधिकारी मंगलवार को भारत पहुंच रहे हैं. अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड को हवाई हादसों की जांच करने वाला सबसे सटीक संस्थान माना जाता है.

एयर इंडिया ने मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा है कि, ''हमारे पायलट और इंजीनियरिंग बेहद कुशल और अनुभवी हैं. हमारे विमानों की देख रेख मानकों के हिसाब से होती है.'' कंपनी का दावा है कि एयर इंडिया एक्सप्रेस सेवा वर्ल्ड क्लास सर्विस है.

इस बीच, विमान हादसे में मारे गए 22 लोगों के शवों की शिनाख्त अब तक नहीं हो पाई है और अब डीएनए जांच की जा रही है. इसके नतीजे आने में तीन से पांच दिन तक लग सकते हैं. वहां जमा रिश्तेदारों की बेचैनी बढ़ती जा रही है. एयर इंडिया ने मारे गए लोगों के परिवार वालों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है.

शनिवार को मैंगलोर के बाजपे एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान दुबई से आ रहा था. हादसे में 159 लोगों की मौत हो गई.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: ए जमाल

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