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दुनिया

ब्रिटेन में लेबर लिबरल वार्ता विफल

ब्रिटेन में सरकार बनाने के लिए लेबर पार्टी व लिबरल डेमोक्रेटों के बीच बातचीत विफल हो गई है. अफ़वाह थी कि प्रधान मंत्री गॉर्डन ब्राउन ने इस्तीफ़ा दे दिया है, लेकिन उनके दफ़्तर से इस ख़बर का खंडन किया गया है.

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वार्ता टूटी

इस प्रकार लेबर और लिबरल डेमोक्रेटों की मिली-जुली सरकार बनने की संभावना अब ख़त्म हो गई है. लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना था कि ऐसी सरकार बनने से अगले चुनाव में उन्हें मतदाताओं के गुस्से का शिकार बनना पड़ता. प्रधान मंत्री ब्राउन आज भले ही इस्तीफ़ा न दें, लेकिन एक नए मोर्चे की गुंजाइश बनते ही उन्हें 10 डाउनिंग स्ट्रीट का बंगला खाली करना पड़ेगा.

जहां तक लिबरल पार्टी और कंज़र्वेटिव टोरी पार्टी के बीच चल रही वार्ता का प्रश्न है, लिबरल नेता निक क्लेग ने कहा, "हमारी कुछ बहुत ही सकारात्मक बातचीत हुई है, हमने काफ़ी प्रगति भी की है, लेकिन हम किसी व्यापक साझेदारी पर अभी सहमत नहीं हो पाये हैं."

लिबरल खुश हैं कि वे इस समय "किंगमेकर" हैं और दूसरों से इसकी पूरी क़ीमत वसूल कर सकते हैं. इससे से टोरी नेता डेविड कैमरॉन कुछ अधीर से होने लगे हैं. संसद में उन्हीं के पास सबसे अधिक सीटें हैं, पर इतनी नहीं कि वे अकेले ही सरकार बना सकें. उन्हें डर लगने लगा था कि लिबरल ने यदि लेबर का हाथ थाम लिया तो उनका क्या होगा? इसलिए लिबरल नेताओं से उन्होंने कहा है कि "लिबरल डेमोक्रैटों के लिए फ़ैसला करने का समय हो गया है." ऐसा लगता है कि टोरी और लिबरल डेमोक्रेटों के बीच भावी सरकार के गठन पर बातचीत में काफ़ी प्रगति हो चुकी है. जल्द ही पता चल जाएगा कि मुद्दत बाद सरकार में आने से लिबरल डेमोक्रेट देश की भावी नीति पर कैसा असर डालेंगे.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: महेश झा

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