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फीडबैक

ब्रिटेन में आम चुनाव

आईपीएल के विवाद, ब्रिटेन में आम चुनाव व रेडियो एक्टिव वेस्ट जैसे विषयों पर कार्यक्रम खेल जगत, वेस्ट वॉच तथा लाइफ लाइन श्रोताओं को कैसे लगे. इंडो जर्मन फ्रेंडशिप क्लब, विजयवाडा, से अपने क्लब गतिविधियां भी लिखते है....

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आईपीएल को सिर्फ धोखा, स्कैंडल और काला बाज़ार ही देखना गलत बात होगी, ऐसी बातें तो विकासशील देशों में होती हैं और सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह है कि आईपीएल के 90%से ज्यादा स्पॉंसर एमएनसी कम्पनियां हैं क्या यह लोग भी इसमें शामिल हैं. मैं आशा करता हूं कि जर्मन प्रेस का यह नज़रिया वहां की जनता का नहीं हो. आईपीएल ने लोकप्रियता के बारे में सभी यूरोपीय देशों की खेलों को पीछे धकेल दिया हैं, कहीं यह तो कारण नहीं हैं कि जर्मन प्रेस की द्वेष भावना है. अच्छा है कि जर्मनी क्रिकेट नहीं खेलती, नहीं तो उनके खिलाडी भी आईपीएल का पैसा पाने के लिए बेकरार होती. रही बात नक्सलवाद आदिवासी और गरीबी की, तो भारतवर्ष इससे उभरने की कोशिश कर रहा है और 10 साल के बाद प्रेस को कोई लिखने के लिए और विषय ढूंढना पड़ेगा.

बालाजी नरहरे

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वेस्ट वॉच में ब्रिटेन में आम चुनाव के बारे में सुना. अगर एग्जिट पोल की माने तो ब्रिटेन में त्रिशंकु संसदीय तस्वीर साफ़ उभर रही है, द्वि-दलीय संवैधानिक व्यवस्था वाले इस देश का भविष्य पुनः 1974 की स्थिति में पहुंच जाएगा जब त्रिशंकु चुनाव परिणाम रहे थे. लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य काफ़ी कुछ भिन्न है. सत्ताधारी और प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन भले ही अपने संसदीय क्षेत्र किर्ककॉल्डी और काउडेनबीथ से पांच हज़ार वोटों से जीत गए हैं लेकिन उनकी लेबर पार्टी काफी पीछे हैं और एग्जिट पोल के मुताबिक तो उन्हें इस बार 94 सीटों का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. अलबत्ता डेविड कैमरन की कन्जर्वेटिव पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभर रही है. जो परिवर्तन के लिहाज से अच्छे संकेत माने जा सकते हैं. देखना ये है कि सम्पूर्ण परिणाम किस ओर संकेत करते हैं क्योंकि लिबरल डेमोक्रेट्स और अन्य कि सरकार बनाने या बिगाड़ने में भूमिका अहम होगी.

रवि श्रीवास्तव , इन्टरनेशनल फ़्रेन्ड्स क्लब , इलाहाबाद

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लाइफ लाइन कार्यक्रम में रेडियो एक्टिव वैस्ट से भारत को होने वाले ख़तरे पर प्रसारित रिपोर्ट काफी चिंता करने लायक थी. जो रिसाइक्लिंग दूसरे देशों में होता नहीं है, भारत में हर रोज़ हज़ारों टन ऐसा कचरा आयात किया जाता है और उसको रिसाइक्लिंग करके भारत के लोग उस पर मुनाफ़ा कमाते हैं. इसका मतलब है भारत एक डम्पिंग ग्राउंड होता जा रहा है और चिंता अभी से हो रही है कि जब भारत में परमाणु उर्जा संयंत्र लगाये जायेंगे तो उस समय निकलने वाले परमाणु कचरे से भारत की क्या हालत होगी? साथ में मैक्सिको में तेल रिसाव से पर्यावरण को पहुचाने वाले खतरे की भी दर्दनाक जानकारी सुनी. ऐसे हादसों से यही निष्कर्ष निकलता है कि एक दिन मनुष्य ही पर्यावरण और पृथ्वी के अंत का कारण बनेगा.

संदीप जावले , मारकोनी डीएक्स क्लब , पारली वैजनाथ , महाराष्ट्र

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क्लब रिपोर्ट

आपके सभी कार्यक्रम हम बड़ी लगन के साथ सुनते है जो की बहुत ही ज्ञानवर्धक होते है. आपका केंद्र जर्मनी के बारे में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के सूरत ए हाल के बारे में आधे घंटे के अंदर जानकारी देने का प्रयत्न करता रहता है. आपके कार्यक्रमों में खोज हमारा अतिप्रिय कार्यक्रम है. हमारे क्लब के सदस्य, जो अधिकतर छात्र है और इंजनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करना चाहते है, वे आपके खोज कार्यक्रम द्वारा अपने कैरियर को ढ़ूंढ़ने का प्रयत्न करते रहते हैं.

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हमारे क्लब की महिला सदस्यों ने वुमेन इन 21 सेंचुरी पर एक सेमिनार का आयोजन किया. इस सेमिनार का उदेश्य था कि महिलाओ में कानूनों के प्रति जागरूकता लाना. समाज में महिलाओ पर बढ़ रहे दमन व अत्याचारों के मामलों के विरुद्ध उन्हें किस तरह लड़ना चाहिए. इस सेमिनार के अंत में क्लब कि एक महिला सदस्य ने कुछ सूचनाएं भी दी कि भारत में महिलाएं अक्सर अपने पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ लड़ने के बजाए वह आत्महत्या कर लेती है, जो कि सरासर गलत है. क्लब की तरफ से एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया जिस में जर्मन चांसलर, जो एक कि महिला है, उनकी विश्व के प्रति सेवाओ के बारे में जानकारी प्रदान करने वाली किताबें, फोटो, विडियो, जो हमने आपसे व इंटरनेट के ज़रिए हासिल की थी उनका प्रदर्शन किया. अंत में कुछ गरीब महिलाओ को खाना खिलाया गया.

मोहम्मद अकबर खान, इंडो जर्मन फ्रेंडशिप क्लब, विजयवाडा, आंध्र प्रदेश