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जर्मन चुनाव

ब्रिटेन फोन हैकिंग की पूरी तरह होगी जांच

ब्रिटिश मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा है कि वह नामी लोगों के फोन हैकिंग मामले की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. लंदन की पुलिस ने घोषणा की है कि उन्होंने मामले में नई तहकीकात शुरू की है.

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बुरे फंसे

लंदन की पुलिस ने इन खबरों का खंडन किया है कि उसने पहले इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया और जांच करने में देरी की. मेट्रोपॉलिटन पुलिस के प्रमुख टिम गॉडविन ने कहा कि मामले में नए और अहम सुराग मिले हैं. गोडविन ने वादा किया कि नई जांच तेजी से और पूरी ताकत के साथ की जाएगी. पुलिस ने बुधवार को घोषणा की कि रुपर्ट मर्डोक के न्यूज कॉर्प मीडिया के अखबार न्यूज ऑफ द वर्ल्ड में उन्हें गैर कानूनी गतिविधियों की सूचना मिली है, जिसके बाद उन्होंने नई जांच की शुरुआत की. इसी मामले में वरिष्ठ संपादक इयान एडमंडसन को भी नौकरी से निकाल दिया गया था.

इन आरोपों के कारण ब्रिटेन के शाही परिवार और कई नामी गिरामी लोगों में बेचैनी देखी गई. प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने मीडिया प्रमुख कोल्सन को नौकरी छोड़ने को मजबूर किया. और तो और फोन हैकिंग के मामले ब्रिटेन की मीडिया इंडस्ट्री में हलचल मच गई.

पूर्व श्रम मंत्री टेसा जोवेल के हवाले से बीबीसी ने लिखा है कि उनके फोन न्यूज ऑफ द वर्ल्ड ने टेप किए थे. उन्होंने पुलिस को फोन कर के कहा कि उन्हें फिर से टेपिंग का संदेह है. जोवेल के संदेह जताया कि दूसरे अखबार भी टेपिंग

Bilder über den Ort Brdo pri Kranju in Slowenien

शाही घराना तनाव में

कर रहे हैं.

कहां से शुरू हुआ

2005 में लंदन मेट्रोपोलिटन पुलिस ने जांच शुरू की कि कुछ पत्रकार प्रिंस विलियम और उनके भाई हैरी के फोन सुन रहे हैं. जांच के दौरान न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के रॉयल रिपोर्टर क्लाइव गुडमन और निजी जासूस ग्लेन मलकैयर को गिरफ्तार किया गया और उन पर लगे आरोप साबित हो गए.

2007 में अखबार के संपादक एंडी कोल्सन ने इस्तीफा दे दिया लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उन्हें हैकिंग मामले की कोई जानकारी थी. इसके महीनों बाद कोल्सन को ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी का मीडिया प्रमुख बनाया गया. उस समय यह पार्टी विपक्ष में थी.

फिर कैसे उठा

जुलाई 2009 में गार्डियन समाचार पत्र ने लिखा कि न्यूज कॉर्प की ब्रटिश शाखा न्यूज इंटरनेशनल ने फोन हैकिंग के केस को दबाने के लिए दस लाख पौंड दिए. गार्डियन के मुताबिक फोन हैकिंग का शिकार और भी बहुत लोग हुए हैं और इनमें पूर्व उप मुख्यमंत्री के अलावा और जाने माने लोग शामिल हैं. इस रिपोर्ट के बादमामले की पुलिस जांच शुरू हुई लेकिन पुलिस ने कहा कि वह जांच फिर से शुरू नहीं करेंगे और टेपिंग बहुत लोगों की नहीं हुई है.

सितंबर 2009 में मर्डोक के वरिष्ठ एक्जिक्यूटिव लेस हिल्टन ने सरकारी समिति को बताया कि फोन हैकिंग बहुत लोगों ने नहीं की है और इसमें सिर्फ गुडमैन शामिल हैं. उन्होंने कहा कि रिव्यू में कोई नया सबूत नहीं मिला है.

फरवरी 2010 में समिति ने रिपोर्ट जारी की जिसमें न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के प्रमुखों पर आरोप लगाया गया कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि संस्थान को फोन हैकिंग के बारे में जानकारी नहीं हो. यह मामला सितबंर 2010 में फिर उठा जब न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के कई पत्रकार जासूसी कर रहे थे जिसे संपादकों ने इसे सहमति दी. पुलिस ने फिर सबूतों पर नजर डाली और कोल्सन से पूछताछ की लेकिन जांच की नई शुरुआत नहीं की.

हालांकि न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के वरिष्ठ संपादक को इयान एडमंडसन को निलंबित कर दिया गया. अदाकारा सिएना मिलर ने फोन हैकिंग के मामले में एडमंडसन का नाम लिया. इसके दो सप्ताह बाद कोल्सन ने घोषणा की कि वह पद छोड़ रहे हैं.

असर क्या है

आलोचकों का मानना है कि कोल्सन की पार्टी के मीडिया प्रमुख के तौर पर नियुक्ति कैमरून और मर्डोक के बीच संबंधों को दिखाता है. मर्डोक की ब्रिटिश शाखाओं के अखबारों ने ब्रिटिश चुनावों में कैमरून की कंजर्वेटिव पार्टी का समर्थन किया था.

नई पुलिस जांच में सिर्फ न्यूज ऑफ द वर्ल्ड से ही पूछताछ नहीं होगी बल्कि उन रिपोर्टों को परखा जाएगा जिनके मुताबिक दूसरे अखबारों के पत्रकार भी हैकिंग और जासूसी में शामिल रहे हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः एमजी

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