1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

ब्रिटेन के लोग सीखेंगे सलीके से रहना

दुनिया को शालीनता से रहने का सलीका सिखाने का सदियों से दंभ भरते आए ब्रिटेन को अब अपने ही लोगों को सदाचार का पाठ पढा़ने की नौबत आ गई है. इसके लिए 2012 में लंदन ओलंपिक के मद्देनज़र एक अभियान शुरू किया है.

default

सलीके से रहने का पाठ

दुनिया भर में सबसे ज्यादा सभ्य और शालीन माने जाने के वाबजूद ब्रिटेन के लोगों को खासकर लंदनवासियों को अच्छा आचरण सिखाया जा रहा है. जिससे ओलंपिक में आने वाले विदेशी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया जा सके और इतिहास में दर्ज ब्रिटेन की बेहतरीन छवि बरकरार रहे.

Olympia Bewerbung 2012

2012 ओलंपिक खेल लंदन में

इससे पहले 2008 में पेइचिंग ओलंपिक से पहले चीन में भी इस तरह का देशव्यापी अभियान चलाया गया था.

ब्रिटिश संस्था "नेशनल केंपेन फॉर कर्टसी" की ओर संचालित इस अभियान में चीनियों को सड़कों पर थूकने और रेस्तरां में जोर से गला साफ करने से बचने जैसी सामान्य बातें सिखाई गई थीं. 1986 में बनी इस संस्था के प्रमुख पीटर जी फुट का मानना है कि ब्रिटेन में अभी इसके लिए देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरत नहीं है. लेकिन हाल ही में एक अध्ययन में लंदन को ब्रिटेन का सबसे रूखे आचरण वाले शहर का तमगा दिए जाने के बावत कम से कम लंदन के लोगों को सदाचार सिखाने की जरूरत है.

BdT Sommer Wasser Regenbogen Wetter

खत्म होती शालीनता

फुट ने स्वीकार किया कि शालीन और सीधे सपाट रवैए की जन्मभूमि रहे ब्रिटेन के लोगों का व्यवहार पिछले कुछ सालों में थोड़ा रूखा जरूर हुआ है. उन्होंने कहा "हमें अपनी पूर्व छवि बरकरार रखने के लिए उदारता पूर्ण तौर तरीके सीखने होंगे. मसलन लंदन में बस के अंदर जाने के लिए अब हम कतार में नहीं रहते, सड़कों पर कूडा़ करकट दिखना आम बात हो गई है और दुकानों में लड़कियां बीती रात डेटिंग की बातें बेझिझक साझा करती दिख जाती हैं. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, इसलिए हमें अतीत की अपनी गौरवशाली परंपरा के मद्देनजर अपने आचरण में सुधार लाने की जरूरत है."

फुट और उनके 900 कार्यकर्ताओं की टीम ने ओलंपिक में आने वाले लाखों मेहमानों का दिल जीतने के लिए लंदनवासियों को तैयार करने को कमर कस ली है. अभियान का आगाज़ हो चुका है और इसके तहत शहर के टैक्सी और बस चालकों, दुकानदारों, पब, बार एवं रेस्तरां संचालकों पर खास ध्यान दिया जा रहा है. पूरी कवायद का मकसद देश के वैभव की शानदार विरासत की असल तस्वीर मेहमानों के सामने पेश कर बिगडी़ छवि को सुधारना है.

रिपोर्टः एजेंसियां निर्मल

संपादनः आभा एम

DW.COM