1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

ब्रिटिश संसद के आगे गांधी की प्रतिमा

महात्मा गांधी की प्रतिमा अब ब्रिटिश संसद के सामने लगाई जाएगी. महात्मा गांधी, जिन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ संघर्ष किया. उनकी प्रतिमा ब्रिटेन में लगाना अपने दुश्मन को सम्मानित करने जैसा है.

संसद के बाहर ब्रिटेन के औपनिवेशिक काल के अन्य प्रमुख नेताओं की भी प्रतिमाएं लगाई जाएंगी. ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ऑस्बोर्न भारत के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मेदी से मिलने दिल्ली पहुंचे. मुलाकात से पहले उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि ब्रिटेन महात्मा गांधी की स्मृति में पार्लियामेंट स्क्वेयर पर उनकी प्रतिमा लगाकर उनका सम्मान करेगा.

गांधी के अलावा जिन लोगों की प्रतिमा लगाई जाएगी उनमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विनस्टन चर्चिल भी शामिल हैं. चर्चिल के बारे में मशहूर है कि वह गांधी को अक्सर 'अधनंगा फकीर' कहकर संबोधित करते थे. उन्होंने यहां तक कहा था कि गांधी की भूख हड़ताल से मौत हो जाए. साथ ही स्क्वायर पर 20वीं सदी के दक्षिण अफ्रीकी नेता जेन स्मट्स की भी प्रतिमा लगाई जाएगी जो जातीय भेदभाव की पैरवी करते थे.

दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने भारतीयों के साथ होने वाले भेदभाव के कारण स्मट्स के खिलाफ मोर्चा निकाला था. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में गांधी ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ भी तमाम देशव्यापी मोर्चे खोले जिनके चलते 1947 में भारत को आजादी मिली.

ऑस्बोर्न ने बयान में कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि इस प्रतिमा के जरिए ब्रिटेन में गांधी की यादों को श्रद्धांजलि दी जा सकेगी, और यह भारत के साथ हमारी दोस्ती की निशानी होगी." इस प्रतिमा को लगाने की खबर पर अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली. एक मार्केटिंग अधिकारी सुहेल सेठ ने ट्वीट किया, "इस घोषणा के साथ भारतीयों का दिल वो जीत लेंगे और दुनिया इससे प्रेरित हो सकेगी." वहीं पत्रकार कबीर तनेजा चुटकी ली, "गांधी की मूर्ति अपने पास लगी देख चर्चिल की मूर्ति की भवें टेढ़ी हो जाएंगी."

पार्लियामेंट स्क्वेयर पर गांधी की प्रतिमा लगाने का एलान तब किया गया जब मंगलवार को ऑस्बोर्न और विदेश मंत्री विलियम हेग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर ब्रिटेन और भारत के बीच व्यापार की संभावनाओं को बढ़ाने पर बातें करना था. हेग इससे पहले नई दिल्ली में गांधी समृति पर श्रद्धांजलि अर्पित करने भी पहुंचे जहां उन्होंने महात्मा गांधी को प्रेरणा का अहम स्रोत बताया. हेग इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मिले.

लंदन में पार्लियामेंट स्क्वेयर के सामने ही पैलेस ऑफ वेस्टमिनस्टर में नेल्सन मंडेला समेत कई अहम ऐतिहासिक हस्तियों की प्रतिमाएं लगी हैं.

एसएफ/एएम (एएफपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री