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जर्मन चुनाव

ब्रिटिश राजशाही बेवकूफाना है: रुश्दी

विवादों में रहने वाले लेखक सलमान रुश्दी ने ब्रिटिश राजशाही पर कुछ तीखी टिप्पणियां की हैं. उन्होंने राजशाही और इसकी परंपराओं को बेवकूफाना और पुरातन कहा है. भारतीय मूल के लेखक का यह बयान विवाद खड़ा कर सकता है.

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बुकर ऑफ द बुकर्स पुरस्कार जीत चुके रुश्दी ने द संडे टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "राजशाही और इसकी परंपराएं पुरातन हैं, बेवकूफाना हैं...बहुत ही अजीब हैं." उनसे पूछा गया कि ऐसा है तो उन्होंने नाइटहुड क्यों स्वीकार किया, रुश्दी ने कहा, "मैं पहले ही फ्रांस का सम्मान स्वीकार कर चुका था और बहुत अजीब लगता अगर उसके बाद मैं अपने ही देश का दिया सम्मान ठुकराता." रुश्दी अब ब्रिटिश नागरिक हैं.

Salman Rushdie

63 साल के रुश्दी को लगता है कि सम्मान समारोह भी हास्यास्पद थी. उन्होंने कहा, "सब कुछ महारानी और नाइट्स के इर्द गिर्द बना था. सब कुछ बेवकूफाना था. लेकिन यही है जो हम करते हैं. आप इसे इसकी भावना के लिए लेते हैं. वह भावना जो आपके काम को लेकर पैदा हुई है. और इसके लिए मैं शुक्रिया अदा करना चाहता हूं."

चार बार शादी कर चुके मिडनाइट्स चिल्ड्रन के लेखक ने इस इंटरव्यू में माना कि उनकी जिंदगी एक कभी न खत्म होने वाली उठापटक रही है. उन्हें सबसे ज्यादा गुस्सा तब आया जब 2007 में पद्मा लक्ष्मी ने उनकी तीन साल चली शादी को खत्म किया. लेकिन अपनी तीसरी पत्नी एलिजेबेथ वेस्ट के साथ अब उनके रिश्ते काफी दोस्ताना हैं. वह उनसे रोज मिलते हैं. रुश्दी कहते हैं कि उनकी पहली पत्नी क्लैरिसा लुआर्ड के साथ भी उनके रिश्ते दोस्ताना रहे. 11 साल पहले जब क्लैरिसा की कैंसर से मौत हुई, तब वह अपने बेटे जफर के साथ वहां मौजूद रहे.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः महेश झा

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