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दुनिया

ब्रिटिश बमबारी के बीच आईएस ने रूसी बंदी को मारा

ब्रिटेन ने संसद के फैसले के बाद सीरिया में आईएस के ठिकानों पर बमबारी शुरू कर दी है जबकि जर्मनी में आईएस विरोधी संघर्ष में सैनिक समर्थन पर संसद शुक्रवार को फैसला लेगी. उधर आईएस ने एक रूसी बंदी को मार डाला है.

ब्रिटेन की वायु सेना ने सीरिया में आईएस के लक्ष्यों पर पहले हमले में तेल निकासी को निशाना बनाया है. चार टोरनैडो विमानों ने ओमर तेल क्षेत्र पर बमबारी की. रक्षा मंत्री माइकल फैलन ने कहा कि कट्टरपंथी संगठन के वित्तीय संसाधनों पर हमला किया गया है. बुधवार शाम संसद ने दस घंटे की बहस के बाद सीरिया में आईएस के ठिकानों पर हवाई हमलों को मंजूरी दे दी थी. इससे पहले ब्रिटेन सिर्फ इराक में आईएस के लक्ष्यों को निशाना बना रहा था. 2013 में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ सैनिक कार्रवाई का प्रधानमंत्री डेविड कैमरन का प्रस्ताव संसद ने ठुकरा दिया था.

सीरिया युद्ध में रूस के कूदने के बाद आईएस ने पहली बार एक रूसी बंदी का सर कलम करने का वीडियो नेट पर डाला है. इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पर नजर रखने वाले अमेरिकी ग्रुप साइट ने बताया है कि आईएस के अनुसार मारा गया बंदी जासूस था जो पिछले साल से सीरिया और इराक में था. वीडियो में एक व्यक्ति नारंगी ओवरऑल पहने देखा जा सकता है जो रूसी खुफिया एजेंसी द्वारा कथित भर्ती की बात बता रहा है. उसके बाद देखा जा सकता है कि कैसे एक आईएस लड़ाका राष्ट्रपति पुतिन को बुरा भला कहता है और उस व्यक्ति को मार देता है. यह पहला मौका है जब आईएस ने अपने कब्जे में एक रूसी बंदी होने की बात मानी है. पिछले दिनों में आईएस के लड़ाकों ने पश्चिमी देशों और मध्य पूर्व के कई बंदियों की हत्या की है.

इस बीच तुर्की द्वारा सीरिया से लगी सीमा पर एक रूसी बमवर्षक को मार गिराए जाने के बाद पहली बार दोनों देशों के विदेशमंत्रियों की मुलाकात हो रही है. सेर्गेई लावरोव और मेवलुत कावुसोग्लू बेलग्रैड में यूरोपीय सुरक्षा व सहयोग संगठन की बैठक के हाशिए पर मिलेंगे. रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने पिछले दिनों पेरिस में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एरदोवान से मिलने से मना कर दिया था. विमान गिराए जाने के बाद रूस ने तुर्की पर आईएस के तेल कारोबार से फायदा उठाने का आरोप लगाया है. रूसी सेना का आरोप है कि राष्ट्रपति एरदोवान और उनका परिवार व्यक्तिगत तौर पर इस कारोबार से फायदा उठा रहा है.

तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दोवुतोग्लू ने रूसी आरोपों को शीतकालीन सोवियत प्रचार तंत्र से उपजा झूठ बताया है. उन्होंने कहा, "सोवियत प्रचार मशीन के झूठों पर कोई विश्वास नहीं करता." उन्होंने कहा कि तुर्की गठबंधन के देशों के साथ मिलकर तुर्की की सीमा पर सीरियाई इलाके को आईएस के लड़ाकों से मुक्त करने की कोशिश कर रहा है जिसमें सीरिया में रूस की सैनिक कार्रवाई से मुश्किल हो रही है.

एमजे/एसएफ (डीपीए, रॉयटर्स)

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