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खेल

ब्राजील में जर्मन टीम को डेंगू की चेतावनी

जर्मन फुटबॉल टीम ब्राजील में बेहतरीन प्रदर्शन कर इस बार विश्वकप लेकर ही आना चाहती है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जर्मनी का सबसे गंभीर प्रतिद्वंद्वी पुर्तगाल, घाना या अमेरिका नहीं, बल्कि डेंगू बुखार साबित हो सकता है.

ट्रेनर योआखिम लोएव के नेतृत्व में जर्मनी के खिलाड़ी अपने एक एक प्रतिद्वंद्वी को मात देने और विश्वकप जीतने के सपने देख रहे हैं, तो बीमारी विशेषज्ञों को दूसरी ही चिंता सता रही है. टीम मैनेजमेंट जर्मनी के संभावित प्रतिद्वंद्वियों के खेल पर, उनकी तकनीक और रणनीति का अध्ययन करने में लगा है और खिलाड़ी चोट से बचने और फिट रहने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे अंतिम दौर तक पहुंच सकें और खिताब पर कब्जा कर सकें.

इसके विपरीत खिलाड़ियों को स्वस्थ रखने की चिंता करने वाले विशेषज्ञ टीम के सामने आ सकने वाले खतरों पर ध्यान दे रहे हैं. हैम्बर्ग के इंफेक्शन विशेषज्ञ योनास श्मिट चानासिट ने चेतावनी दी है कि ब्राजील में फैला डेंगू बुखार जर्मन टीम के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकता है.

उनका कहना है कि जर्मनी आरंभिक दौर में अपने मैच फोर्टालेजा और सल्वाडोर में खेलेगा. ये दोनों ऐसे शहर हैं जो मच्छरों के कारण होने वाले डेंगू बीमारी के गढ़ हैं.

34 वर्षीय श्मिट चानासिट की चिंता सिर्फ वे शहर नहीं हैं, जहां जर्मन खिलाड़ी खेलेंगे. उनका कहना है कि जर्मन टीम जिस होटल में रहेगी वह सांटो आंद्रे में है. यह होटल अत्यंत जोखिम भरे इलाके में है. उन्होंने फोकस पत्रिका को बताया कि सांटो आंद्रे के इलाके में जल्द ही डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को खत्म करने का अभियान शुरू किया जाना चाहिए.

डेंगू के मच्छर दुनिया में सभी ट्रॉपिकल इलाकों में पाए जाते हैं और धरती पर रहने वाला हर दूसरा इंसान इसके खतरे में जीता है. भले ही हर दूसरे इंसान को यह बीमारी हो सकती है, या हो जाती है, लेकिन इसकी वजह से साल में 22,000 लोग मर रहे हैं. श्मिट चानासिट के अनुसार अधिकतर मामलों में इंफेक्शन पर काबू पा लिया जाता है और मरीज को कोई नुकसान नहीं होता.

एमजे/आईबी (एसआईडी)

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