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खेल

ब्राजील तैयारी में सबसे पीछे

फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी कर रहा ब्राजील फीफा के निशाने पर है. विश्व कप की तैयारी को लेकर फीफा अध्यक्ष संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं. फीफा की मानें तो कोई भी तैयारी को लेकर इतना नहीं पिछड़ा है.

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष जेप ब्लाटर ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें याद नहीं है कि उनके अध्यक्ष रहते हुए कोई देश विश्व कप की तैयारियों में इतना पिछड़ा हो जितना ब्राजील. लुजान के अखबार '24 ऑएर्स' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "ब्राजील को अब जाकर इसका अंदाजा हुआ है और वह इस पर काम शुरू कर रहा है जो कि बहुत देर से है. मेरे फीफा में रहते हुए कोई भी देश तैयारियों को लेकर इतना नहीं पिछड़ा है. हालांकि इस मेजबान देश के पास बहुत समय था. ब्राजील के पास तैयारी के लिए सात साल थे." ब्लाटर के पास नौ फुटबॉल विश्व कप का अनुभव है. उनका कार्यकाल 1978 में अर्जेंटीना के विश्व कप से शुरू हुआ. 1975 में ब्लाटर फुटबॉल महासंघ से विकास अधिकारी के तौर पर जुड़े उसके बाद वे महासचिव बनाए गए.

ब्लाटर 1998 में फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष चुने गए. ब्राजील में 12 में छह स्टेडियम 31 दिसंबर की समयसीमा चूक गए हैं और अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए हैं.

फीफा ने यह समयसीमा तय की थी जिसके बाद आयोजकों को दिए जाने थे. ये स्टेडियम साओ पाओलो, कुरितीबा, पोर्तो अलेग्रे, कुइयाबा, नताल और मनाउस में स्थित हैं. कई बुनियादी ढांचों और परिवहन परियोजनाओं को या तो रद्द कर दिया गया है या फिर उसका बजट घटा दिया गया है. आयोजक अब इस बात पर बहस कर रहे हैं कि फुटबॉल प्रशंसकों को किस तरह से आयोजन स्थलों तक पहुंचाया जाए. साल 2007 में ब्राजील को विश्वकप फुटबॉल की मेजबानी के लिए निर्विरोध चुना गया. साल 2003 में दक्षिणी अमेरिका के नौ और देशों ने ब्राजील का समर्थन किया, जिससे उसे तैयारियों के लिए चार और साल मिल गए. ब्राजील में कन्फेडरेशन कप के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के बारे में ब्लाटर कहते हैं, ''मैं आशावादी हूं, ना कि निराशावादी. इसलिए मैं चिंतित नहीं हूं. लेकिन हम जानते हैं कि दोबारा विरोध होंगे. कन्फेडरेशन कप के दौरान उन विरोध प्रदर्शनों की जड़ें सोशल नेटवर्क में थीं. उस दौरान कोई विशेष लक्ष्य नहीं था या कोई वास्तविक मांग नहीं थी, लेकिन विश्वकप के दौरान विरोध प्रदर्शन ज्यादा मजबूत और ज्यादा संगठित होंगे पर फुटबॉल सुरक्षित रहेगा. मुझे नहीं लगता कि ब्राजीलियाई सीधे तौर पर फुटबॉल पर हमला करेंगे. उनके लिए तो फुटबॉल धर्म जैसा है.'' ब्राजील में इस साल जून में विश्व कप की शुरुआत होगी.

एए/एजेए (रॉयटर्स)

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