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दुनिया

ब्राजील को बदलने की तैयारी

ब्राजील की सड़कें प्रदर्शनकारियों से पटी हैं और सरकार झुकती नजर आ रही है. राष्ट्रपति डिलमा रूसेफ ने राजनीतिक तंत्र में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रख दिया है. ब्राजील के लोग कई दिनों से गुस्से में उबल रहे हैं.

सोमवार को ब्राजील की राष्ट्रपति ने विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रमुख गुटों के चार नेताओं से बात की. उसके बाद देश के अलग अलग प्रांतों के गवर्नरों से भी मुलाकात की. उन्होंने कुछ मामले ब्राजीली संसद पर टाल दिए, जिसमें राजनीतिक बदलाव के लिए जनमत संग्रह भी शामिल है. हालांकि इस जनमत संग्रह का फैसला सिर्फ सांसद ही कर सकते हैं.

रूसेफ ने गवर्नरों और मेयरों को बताया कि सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने पर 23 अरब डॉलर खर्च करने को तैयार है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह कैसा प्रोजेक्ट होगा. प्रमुख गुटों के चारों नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें नहीं बताया कि उनकी योजना क्या है. हफ्ते भर पहले इन्हीं नेताओं की अगुवाई में ब्राजील में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे.

Brasilien Brasilia Proteste Demonstration Frauen gegen Sexismus 22.06.2013

शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए जनाक्रोश

ज्यादा नहीं झुकीं राष्ट्रपति

ब्राजील में जबरदस्त जनसमर्थन वाले राष्ट्रपति लूला डीसिल्वा के बाद सत्ता में आईं उनकी करीबी रूसेफ ने कहा, "मैं मुख्य तौर पर बताना चाहती हूं कि मेरी सरकार लोकतांत्रिक आवाज को सुन रही है. हमें सड़कों की आवाज सुननी चाहिए. बिना किसी अपवाद के हमें इन संकेतों को समझना होगा."

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पांच मुख्य बातों पर ध्यान केंद्रित करेगी, महंगाई, राजनीतिक तंत्र में बदलाव, स्वास्थ्य सेवा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और शिक्षा. विशाल क्षेत्रफल वाले ब्राजील के कई शहरों में प्रदर्शनकारी कई दिनों से विरोध कर रहे हैं. वे अगले साल होने वाले विश्व कप फुटबॉल और 2016 के ओलंपिक के लिए हो रहे भारी खर्च का विरोध कर रहे हैं.

राष्ट्रपति रूसेफ से मुलाकात करने वाली फ्री फेयर मूवमेंट की नेता मायारा लोगो विवियान ने राजधानी ब्राजीलिया में बताया कि उनकी बात नहीं सुनी गई है और "उनका संघर्ष जारी रहेगा." उनका संगठन 2006 से ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट के भाड़े को खत्म करने कीमांग कर रहा है. विवियान ने कहा, "लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सिर्फ सरकार के ठोस कदमों से ही स्थिति बेहतर हो सकती है."

BrasilienNGO Rio de Paz friedlicher Protest Fußball Kinder 22.06.2013

प्रसिद्ध बीच पर मूक विरोध

रूसेफ पर आरोप

राष्ट्रपति पर आरोप लग रहे हैं कि प्रदर्शनों के दौरान वे इससे बचती रहीं. उन्होंने सिर्फ 17 जून को एक छोटा सा बयान दिया और उसके बाद शुक्रवार को पहले से रिकॉर्ड 10 मिनट का एक संदेश जारी किया. तब तक विरोध प्रदर्शनों का पूरा हफ्ता गुजर चुका था. इस हफ्ते प्रदर्शन थोड़ा ढीला पड़ा है. राष्ट्रपति रूसेफ ने सोमवार को जो वादे किए, उनमें से कई वह पहले भी कर चुकी हैं. उनका वादा है कि तेल से मिलने वाली रॉयल्टी को शिक्षा में लगाया जाएगा और विदेशी डॉक्टरों को देश में आकर्षित करने का कार्यक्रम बनाया जाएगा. हालांकि ब्राजीली संसद में उन्हें इस पर विरोध झेलना पड़ा है.

संसद में राष्ट्रपति के प्रखर विरोधी और अगले साल के चुनाव में संभावित तौर पर उनके खिलाफ खड़े होने वाले सांसद एसीयो नेवेस ने रूसेफ के जनमत संग्रह वाले प्रस्ताव का जबरदस्त विरोध किया है. सीनेटर एसीयो नेवेस का कहना है, "यह काम तो संसद का है ही. वह ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को संसद की तरफ मोड़ रही हैं और उन बातों से भाग रही हैं, जो जनता पूछना चाहती है."

इस बीच प्रदर्शन के दौरान राजधानी ब्राजीलिया के पास गोइयास प्रांत में दो महिलाओं की उस वक्त मौत हो गई, जब वे हाइवे पर यातायात रोकने की कोशिश कर रही थीं. उन्हें एक कार ने टक्कर मार दी. साओ पाओलो प्रांत में सड़कों को बुरी तरह जाम कर दिया गया, जिसकी वजह से सांतोस बंदरगाह पर सामान उतार रहे ट्रकों को काम रोकना पड़ा.

एजेए/एमजे (एपी)

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