1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति को जेल की सजा

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लुई इनासियो लूला दा सिल्वा को भ्रष्टाचार और पैसों के हेरफेर का मानते हुए करीब 10 साल की सजा सुनायी गयी है. दुनिया के मंच पर ब्राजील को प्रमुखता दिलाने में लूला का बड़ा योगदान माना जाता है.

ब्राजील की अदालत के इस फैसले ने यह दिखा दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम से कोई बच नहीं पाएगा. बुधवार को लातिन अमेरिकी देश के पूर्व राष्ट्रपति को सजा सुनाया जाना इन मामलों में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में दर्जनों राजनेता और कारोबारियों को सजा सुनायी जा चुकी है. इसके साथ ही 3 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम बरामद भी की गयी है. अदालत में जज ने इस फैसले को पूरी तरह से कानून पर आधारित बताया लेकिन पूर्व राष्ट्रपति लूला ने इसे राजनीति से प्रेरित और मौजूदा सरकार की विपक्षियों के खिलाफ मुहिम करार दिया है. उम्मीद की जा रही है कि वह गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस करने के साथ ही अपने समर्थकों की रैली करके लोगों के सामने सफाई देंगे. 

पूर्व राष्ट्रपति लूला को करीब 10 साल कैद की सजा सुनायी गयी है हालांकि इस फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई होने तक वह आजाद रहेंगे. ब्राजील में 1980 के दशक में लोकतंत्र की बहाली के बाद लूला पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं जिन्हें आपराधिक मुकदमे में सजा सुनायी गयी है. इस बीच मौजूदा राष्ट्रपति मिशेल ट्रेमर भी भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं. रियो डि जनेरो की फुंडाकाओ गेटुलियो यूनिवर्सिटी में राजनीति पढ़ाने वाले प्रोफेसर सर्जियो प्राका का कहना है, "यह बहुत अनोखी बात है कि एक पूर्व राष्ट्रपति भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाया गया है और उसी वक्त मौजूदा राष्ट्रपति भी जांच का सामना कर रहा है. ये दिन ब्राजील के लिए बहुत बड़ा है अब चाहे अच्छे के लिए हो या बुरे के लिए."  

ब्राजील के लिए बीते तीन साल काफी उठापटक वाले रहे हैं. "ऑपरेशन कार वॉश" नाम से चले भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का दायरा लगातार बढ़ता गया है और देश के स्वार्थी लोग भी आवाक रह गये हैं. इसी वक्त में ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ पर महाभियोग लगा कर उन्हें पद से हटा भी दिया गया. डिल्मा रूसेफ पर संघीय बजट को अवैध तरीके से खर्च करने का आरोप है. सत्ता पर काबिज उनके उत्तराधिकारी ट्रेमर भी आरोपों के घरे में हैं और संसद का निचला सदन जल्दी ही इस बात का फैसला करेगा कि क्या उन्हें निलंबित कर उन पर मुकदमा चलाया जाए. 

पहले जांच सिर्फ लूला की सिल्विया वर्कर्स पार्टी के सदस्यों के खिलाफ शुरू की गयी थी लेकिन बाद में सभी दलों के राजनेता इसकी चपेट में आ गये. इन कारणों से देश बीते कई दशकों में पहली बार भारी आर्थिक संकट देख रहा है और इस वजह से देश के शीर्ष लोगों के लिए आवाम के मन में भारी गुस्सा है. ब्राजील के लोग आये दिन सड़कों पर उतर रहे हैं कभी उन नेताओं के समर्थन में जो उनके हिसाब से गलत तरीके से फंसाये गये हैं और कभी जांच करने वालों के समर्थन में. मौजूदा दौर में देखा जाये तो लूला दा सिल्वा से बढ़िया भीड़ जुटाने वाला देश में और कोई नेता नहीं है. सर्जियो प्राका का कहना है, "वह अपने गुट और अपने समर्थकों को जुटाने का प्रयास करेंगे लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्हें इस बात का अहसास है कि अब वक्त बदल गया है. अब लड़ाई सड़कों पर नहीं हो रही." बुधवार की रात सैकड़ों समर्थकों ने उनकी सजा के खिलाफ जरूर प्रदर्शन किया लेकिन कुछ लोग जज के समर्थन में भी आये.

करिश्माई नेता रहे लूला ने आर्थिक विकास की आंधी से सामाजिक खर्चों के लिए भारी रकम जुटा कर लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला. उन्होंने सबसे बड़े लातिन अमेरिकी देश को दुनिया के मंच पर प्रमुख स्थान दिलाने में बड़ी भूमिका निभायी और जब 2010 में उन्होंने पद छोड़ा तब वो लोकप्रियता के शिखर पर थे. बहुत से लोग लूला को उनकी आर्थिक नीतियों और तानाशाही के दौर में लोकतंत्र के लिए संघर्ष के कारण सम्मान देते हैं. 71 साल के लूला अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार भी माने जा रहे थे. उन पर एक समंदर किनारे अपार्टमेंट और उसकी मरम्मत का खर्चा एक निर्माण कंपनी से लेने का आरोप है. हालांकि ये घर कभी भी लूला के नाम पर नहीं रहा लेकिन माना जाता है कि ये उन्हीं के लिए था. इसके अलावा चार और मामलों में उन्हें दोषी माना गया है. हालांकि लूला इन सबसे इनकार करते हैं. उन्हें 9 साल छह महीने कैद की सजा सुनाई गई है. इसके अलावा उनके चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लग जायेगा. हालांकि इससे पहले अभी ये मामला मजिस्ट्रेटों के एक समूह के सामने सुनवाई के लिए जायेगा.

एनआर/एक (एपी)

DW.COM