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दुनिया

बॉलीवुड फिल्मकार बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार

फिल्म पीपली लाइव के सहनिर्देशक और इतिहासकार महमूद फारूकी को एक अमेरिकी छात्र के कथित बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ फारूकी ने 26 मार्च को अपने घर पर जबरदस्ती की.

कोलंबिया यूनिवर्सिटी की यह छात्रा रिसर्च के सिलसिले में भारत आई थी. फारूकी गोरखपुर के रहने वाले हैं और बतौर इतिहासकार मशहूर भी हैं. अमेरिकी छात्रा की रिसर्च गोरखपुर से जुड़ी थी. छात्रा के मुताबिक उसे फारूकी से उनके एक मित्र ने मिलवाया था जो फारूकी के भी दोस्त हैं. पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक वह रिसर्च में मदद के लिए 28 मार्च को सुखदेव विहार स्थित आरोपी के घर गई, जहां फारूकी ने उसका बलात्कार किया. बयान के मुताबिक घटना के समय फारूकी नशे में धुत थे.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पीड़िता ने इस घटना के बाद अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया और दूतावास ने दिल्‍ली पुलिस से कार्रवाई करने के लिए कहा. पुलिस ने 19 जून को एफआईआर दर्ज कर अगले दिन फारूकी को गिरफ्तार कर लिया. फारूकी से पूछताछ के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

पुलिस को दिए गए बयान में महिला ने कहा है कि घटना की शाम फारूकी के घर पर उनके दो अन्य दोस्त भी मौजूद थे. लेकिन थोड़ी देर बाद वे चले गए और फारूकी ने उसे यह कह कर रोक लिया कि उनकी पत्नी के आने तक वह रुक जाए. इसी बीच यह घटना हुई. हालांकि घटना के थोड़ी देर बाद फारूकी की पत्नी अनुषा घर आ गईं और उनकी छात्रा से मुलाकात भी हुई, लेकिन उसने अनुषा से घटना का कोई जिक्र नहीं किया. पुलिस के मुताबिक महिला पहले भी कई बार उन दोनों से मिल चुकी थी और फारूकी और उनकी पत्नी से परिचित थी.

घटना के करीब 10 दिन बाद महिला वापस अमेरिका चली गई जहां से उसने फारूकी को शिकायती मेल किया, जिसके जवाब में फारूकी ने कथित रूप से माफी मांगते हुए जवाब दिया. जबकि फारूकी की पत्नी अनुषा रिजवी ने अपने बयान में तमाम आरोपों को "मनगढंत और झूठ" बताया है. अनुषा ने यह भी कहा कि वे डट कर इस मामले के खिलाफ लड़ेंगी.

2010 में आई फिल्म पिपली लाइव की निर्देशक अनुषा रिजवी फारूकी की पत्नी हैं. महमूद फारूकी पिछले कई सालों से दास्तानगोई की कला को पुनर्जीवित करने की कोशिश में लगे हैं. वह देश के प्रमुख शहरों के अलावा विदेश में भी दास्तानगोई के कार्यक्रम प्रस्तुत करते रहे हैं. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से इतिहास में पीएचडी कर चुके फारूकी की किताब 'बिसीज्डः वॉयसेज फ्रॉम डेल्ही 1857' काफी चर्चित रही. इस किताब में उन्होंने ऐतिहासिक दस्तावेजों का अनुवाद किया है. वो इतिहासकार विलियम डार्लिम्पल की किताब व्हाइट मुगल में रिसर्चर के तौर पर जुड़े थे.

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