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मनोरंजन

बॉलीवुड की मदद चाहता है अमेरिका

अमेरिका चरमपंथ के खिलाफ अपनी मुहिम में बॉलीवुड की मदद चाहता है. अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि बॉलीवुड अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए चरमपंथ के खिलाफ कारगर संदेश दे सकता है. विकीलीक्स के दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है.

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लंदन में अमेरिकी दूतावास की तरफ से 25 अक्टूबर 2007 को भेजी गई रिपोर्ट में दो अमेरिकी अधिकारियों के ब्रिटेन दौरे का जिक्र है. इनमें एक फराह पंडित हैं जो मुस्लिम मामलों पर वरिष्ठ सलाहकार हैं और दूसरे जेर्ड कोहेन जिन्हें "एस/पी" मेंबर बताया गया है. पंडित को ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी विदेश विभाग में मुस्लिम समुदायों का वरिष्ठ सलाहाकार नियुक्त किया.

Flash-Galerie Jahresrückblick international 2010 November

दोनों अधिकारियों ने लेसेस्टर और ब्रिटेन के अन्य मुस्लिम इलाकों का दौरा किया और लोगों से बात की. इनमें बॉलीवुड के तरफ से चरमपंथ विरोधी संदेश देने की बात भी शामिल है. ब्रिटेन में भारतीय और एशियाई लोगों की बड़ी मौजूदगी को देखते हुए वहां बॉलीवुड़ फिल्मों का बड़ा बाजार है. बड़े चाव से लोग भारतीय फिल्में देखते हैं.

ब्रिटिश अखबार गार्डियन की वेबसाइट के पास मौजूद इस राजनयिक संदेश के मुताबिक इन दोनों अधिकारियों की एक मुलाकात उन लोगों से भी हुई जो भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़े हुए हैं. इनमें आर्ट डायरेक्टर मोहसिन अब्बास, चैनल 4 टीवी के मल्टीकल्चरल प्रोग्रामिंग हेड फारूक ढोंढी, प्रोड्यूसर डायरेक्टर महमूद जमाल, लोकेशन मैनेजर अमजद खान और अभिनेत्री व गायिका हूमिरा अख्तर शामिल हैं. ये सभी ऐसे लोग हैं जिनके बॉलीवुड के अभिनेता और अभिनेत्रियों से नजदीकी संबंध बताए जाते हैं.

राजनयिक संदेश कहता है, "10 अक्टूबर को पंडित और कोहेन ने दक्षिण एशियाई समुदाय के ऐसे विभिन्न लोगों से मुलाकात की जो फिल्म निर्माण से जुड़े रहे हैं ताकि बॉलीवुड के जरिए आतंकवाद विरोध संदेश दिया जा सके. इस सार्थक बातचीत से कई अच्छी बात निकल कर सामने आई. इनमें फिल्मों के जरिए आतंकवाद के खिलाफ माहौल तैयार करना भी शामिल है. एक बार इस तरह की फिल्में बनने लग जाएं तो फिर बॉलीवुड की बड़ी हस्तियां भी इस मुद्दे पर अपनी बात कहेंगी." इस राजनयिक संदेश का कहना है कि बॉलीवुड के एक्टर और अन्य लोग इस तरह की पहल पर सहमत भी हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः वी कुमार

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