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जर्मन चुनाव

बैन की राह पर गूगल और स्काइप भी

ब्लैकबेरी के बाद गूगल और स्काइप ने भी भारत सरकार की सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ाईं. टेलीकॉम और सुरक्षा अधिकारियों की बैठक के बाद इनके खिलाफ कड़े कदमों की तैयारी की जा रही है. भारत इन तकनीकों को तोड़ नहीं निकाल पाया है.

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भारत ने ब्लैकबेरी के बाद स्काइप और गूगल को भी कड़ी चेतावनी दी है. अखबार फाइनेंशियल टाइम्स का कहना है कि गूगल और स्काइप का मैसेजिंग डाटा भी भारतीय अधिकारियों को नहीं मिल पा रहा है. यही वजह है कि इन सेवाओं को भी बंद करने चेतावनी दी गई है.

टेलीकॉम मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है, ''इस बात पर चर्चा हुई कि ऐसी कई सेवाएं हैं, जिन्हें लेकर कोई हल निकालना है. इनमें कुछ ब्लैकबेरी, गूगल और स्काइप सेवाएं हैं.'' यह तय किया गया है कि पहले इस मामले में ब्लैकबेरी से बातचीत की जाएगी, फिर गूगल और स्काइप की बारी आएगी.

25.08.2009 made in germany skype

इससे पहले गुरुवार को ही भारत ने ब्लैकबेरी को कड़ी चेतावनी दी. भारत सरकार का कहना है कि अगर 31 अगस्त तक ब्लैकबेरी ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं दूर करने की पहल नहीं की, तो उसकी सेवाएं बंद कर दी जाएगी. दरअसल ब्लैकबेरी कनाडा की कंपनी है और इसका सर्वर भी वहीं लगा है. सर्वर भारत में न होने की वजह से भारतीय अधिकारियों को ब्लैकबेरी का डाटा नहीं मिल पा रहा है.

भारत का कहना है कि नवंबर 2008 में मुंबई पर हुए हमले के दौरान आतंकवादियों ने सैटेलाइट फोन्स का इस्तेमाल किया. इसी आधार पर ब्लैकबेरी की सेवाएं बंद की जा सकती है. ब्लैकबेरी के चार करोड़ ग्राहक हैं. कंपनी का कारोबार भारत में तेजी से फैल रहा है.

भारत जैसी चिंताएं यूएई, सऊदी अरब, लेबनान और अल्जीरिया भी जता चुके हैं. हाल ही में ब्लैकबेरी ने सऊदी अरब को खास कोड देकर डाटा एक्सेस करने का अधिकार दिया है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

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