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दुनिया

बेबी गैमी पर छिड़ा विवाद

थाइलैंड में गैमी नाम के बच्चे, उसकी प्राकृतिक मां और उसे गोद लेने वाले माता पिता को लेकर विवाद छिड़ गया है. गैमी को डाउन सिंड्रोम है और उसे गोद लेने वाले दंपति ने उसे थाइलैंड में ही छोड़ दिया.

बच्चे की चाह रखने वाले दंपति अकसर थाइलैंड आते हैं जहां महिलाएं अपना गर्भ किराए पर देती हैं और इन दंपतियों के लिए बच्चे पैदा करती हैं. सरोगेसी कई देशों में प्रतिबंधित है लेकिन थाइलैंड में कानून इस मामले पर सटीक नहीं हैं. लेकिन हो सकता है कि गैमी का मामला सब कुछ बदल दे. यह घटना पिछले साल हुई जब एक ऑस्ट्रेलियाई दंपति ने एक बच्चे को उसकी प्राकृतिक मां के पास ही छोड़ दिया. कारण- बच्चे को डाउन सिंड्रोम था.

गैमी का मामला

एबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया का एक दंपति 21 साल की पट्टारामोन चनबुआ से बच्चा चाहता था. उन्होंने इसके लिए 11,000 यूरो दिए. चनबुआ ने स्वीकार कर लिया. उसने बताया कि वह उन पैसों से अपने कर्ज उतारना चाहती थी और अपने दो बच्चों को स्कूल भेजना चाहती थी. चनबुआ ने कभी दंपति से खुद मुलाकात नहीं की. सारा काम एक एजेंसी के जरिए हुआ और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी टेस्ट ट्यूब प्रक्रिया के बाद बच्चे को चनबुआ के गर्भ में डाला गया.

गर्भवती होने के तीन महीने बाद चनबुआ को पता चला कि उसके पेट में जुड़वां बच्चे हैं. एजेंसी ने उसे और 1,150 यूरो देने का फैसला किया. लेकिन कुछ दिनों बाद डॉक्टरों को पता चला कि इनमें से एक बच्चे को डाउन सिंड्रोम है. दंपति ने कहा कि वह बच्चे नहीं चाहते और चनबुआ को गर्भपात कर लेना चाहिए. थाइलैंड में गर्भपात कराना मुश्किल है और यह तभी संभव है जब महिला किसी यौन अपराध के वजह से गर्भवती होती है या फिर बच्चे से उसकी जान को खतरा हो. चनबुआ ने यब भी कहा कि थाई संस्कृति में गर्भपात पाप माना जाता है और इसलिए उसने ऐसा करने से मना किया.

पिछले साल दिसंबर में चनबुआ ने दोनों बच्चों को जन्म दिया. एक लड़की थी और एक लड़का. जब ऑस्ट्रेलियाई दंपति आए, तो वह केवल लड़की को लेकर गए और डाउन सिंड्रोम वाले बच्चे को छोड़ गए. चनबुआ के परिवार में बच्चा गैमी के नाम से जाना जाने लगा. चनबुआ कहती हैं, "मुझे लड़के के लिए बुरा लगा. उसे ऐसे क्यों छोड़ दिया गया. मुझे नहीं पता मुझे क्या करना चाहिए. यह मेरा बच्चा है, मैं उससे प्यार करती हूं और अपने दूसरे बच्चों जैसा मानती हूं." ऑस्ट्रेलिया के दंपति की कोई प्रतिक्रिया नहीं है. मीडिया को उनका पता नहीं चल पाया है.

गैमी की मुश्किल

डाउन सिंड्रोम के अलावा गैमी के दिल में छेद है और चनबुआ का परिवार इसके लिए ऑपरेशन की हैसियत नहीं रखता. हाल ही में एक थाई अखबार ने मामले के बारे में लिखा. तब से 5,000 लोगों ने गैमी के परिवार को दो लाख डॉलर दिए हैं.

अब गैमी बैंगकॉक के एक अस्पताल में है जहां उसका इलाज हो रहा है. ट्विटर में गैमी हैशटैग से लोग किराए के गर्भ और डाउन सिंड़्रोम से पीड़ित बच्चों की स्थिति को लेकर सवाल उठा रहे हैं. थाइलैंड में तारेस क्रासानाइराविवोंग ने जर्मन अखबार डी साइट को बताया कि थाइलैंड में गर्भ किराए पर लेना अपराध है और अगर किसी दंपति को बच्चा चाहिए हो तो वह अपने किसी रिश्तेदार से यह करा सकता है लेकिन रिश्तेदार को इसके लिए पैसे नहीं दिए जा सकते हैं. साथ ही बच्चे को उसकी मां से अलग भी नहीं किया जा सकता. सरोगेसी ऑस्ट्रेलिया नाम के संगठन की प्रमुख रेचल कंड को डर है कि गैमी के मामले से थाइलैंड में सरोगेसी पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगा. वह चाहती हैं कि ऑस्ट्रेलिया में सरोगेसी को लेकर कानून हल्के किए जाएं ताकि लोग विदेश न जाएं.

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट ने इस घटना को दुखद बताया है और कहा है कि इससे सरोगेसी से हो रही दिक्कतों का पता चलता है. ऑस्ट्रेलिया में इस बीच कई दंपति चिंता में हैं जिन्होंने थाइलैंड में महिलाओं के कोख किराये में लिए हैं.

रिपोर्टः आने सोफी ब्रैंडलिन/एमजी

संपादनः अनवर जे अशरफ

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