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दुनिया

बेनजीर मामले में समर्थक नहीं हैं फैसले से खुश

पाकिस्तान की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में दो पूर्व पुलिस अधिकारियों को सजा सुनाई है और पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित किया है. लेकिन बेनजीर समर्थक फैसले से खुश नहीं है.

पीपुल्स पार्टी की नेता बेनजीर भुट्टो अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान साल 2007 में एक आत्मघाती हमले का शिकार हो गयी थीं. इस हमले में उनकी मौत हो गई थी. इस मामले में अदालत ने अब दो पूर्व पुलिस अधिकारियों को 17 साल कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. लेकिन अदालत ने पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है. साथ ही पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित किया है. अदालत पहले ही मुशर्रफ की संपत्ति जब्त करने के आदेश दे चुकी है. मुशर्रफ देश से बाहर रह रहे हैं.

इस फैसले पर, बेनजीर की बेटी असीफा बी-जरदारी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, "हमें दस साल बाद भी न्याय नहीं मिला है, अपराध में शामिल लोगों को मौत की सजा सुनाई गई है, लेकिन मेरी मां के हत्या के असली दोषी अब भी बाहर घूम रहे हैं."

बेनजीर की बेटी बख्तवार भुट्टो जरदारी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर मुशर्रफ को निशाना बनाते हुये कहा है कि मुशर्रफ ने ही तो घटना स्थल की सफाई के आदेश दिये थे.

सोशल मीडिया में इस फैसले पर खूब बहसबाजी हो रही है. कुछ लोग इस फैसले को सही बता रहे हैं तो कुछ इसके खिलाफ भी ट्वीट कर रहे हैं. कुछ ने बेनजीर भुट्टो को शहीद बताते हुये कहा कि यह देश अभी न्याय करने के लिये तैयार नहीं है.

एक अन्य बेनजीर समर्थक ने इस फैसले को हास्यास्पद बताते हुए लिखा है कि उस इंसान का क्या जिसने घटना स्थल को साफ करने के आदेश दिये थे?

 

 

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