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जर्मन चुनाव

"बेनजीर की हत्या के लिए तालिबान जिम्मेदार"

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के लगभग तीन साल बाद पाकिस्तानी जांच एजेंसी एफआईए ने इसके लिए तहरीके तालिबान को जिम्मेदार बताया है. एक चुनावी रैली के दौरान रावलपिंडी में बेनजीर पर हमला किया गया.

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पाकिस्तानी अखबार डॉन ने संघीय जांच एजेंसी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि बेनजीर भुट्टो हत्याकांड की जांच के बाद एजेंसी इस नतीजे पर पहुंची है. एजेंसी अपनी रिपोर्ट 30 अक्टूबर को आतंकवाद निरोधी अदालत को सौंप सकती है. इससे पहले जांच एजेंसी अपनी चार्जशीट अदालत में सौंपने को तैयार नहीं थी क्योंकि वह मामले के तीन फरार आरोपियों अब्दुर रहमान, सद्दाम और फैज मोहम्मद के खिलाफ जांच पूरी नहीं कर सकी.

अब संघीय जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इन तीनों की कबायली इलाकों में सैन्य अभियान के दौरान मौत हो गई. पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें सभी का संबंध तालिबान से है. इनमें मोहम्मद रफाकत, हुसैन, शेर जमान, एतजाज शाह और अब्दुल राशिद शामिल हैं.

इस मामले में संघीय जांच एजेंसी की टीम का नेतृत्व कर रहे खालिद मोहम्मद ने डॉन को बताया कि जांच पूरी नहीं हुई है लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया कि 30 अक्टूबर को रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाएगी. रिपोर्ट में पाकिस्तान तालिबान के पूर्व प्रमुख बैतुल्लाह महसूद को बेनजीर की हत्या का साजिश रचने का मुख्य आरोपी बताया गया है. महसूद की पिछले साल एक संदिग्ध अमेरीकी ड्रोन हमले में मौत हो गई.

इस मामले की जांच करने वाले संयुक्त राष्ट्र के आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जांच पूरी होने से पहले तालिबान नेता को जिम्मेदार ठहराना जांच प्रक्रिया को भटकाने के बराबर है. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान की पूर्व मुशर्रफ सरकार भट्टो की जान को मौजूद खतरों के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा देने में नाकाम रही.

उधर पाकिस्तान संघीय जांच एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि मामले में आरोपी सरकारी पदों पर बैठे किसी भी अधिकारी का बयान नहीं लिया गया है. जांच टीम ने गृह मंत्री रहमान मलिक को कुछ सवाल भेजने का फैसला किया था क्योंकि मंत्री होने के नाते उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जा सकता. लेकिन बाद में मलिक को ये सवाल भी नहीं भेजे गए.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः महेश झा

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